बिलासपुर। जिला अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) तोरूल रवीश ने कहा कि युवा भविष्य की चुनौतियों का डर कर नहीं डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बनाकर अनुशासित तरीके से की गई कड़ी मेहनत सफलता का आधार बनती है। एडीसी तोरूल रवीश अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। बिलासपुर कॉलेज में मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज प्राचार्य नीना वासुदेवा की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम में कॉलेज विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
एडीसी ने विद्यार्थियों को सिविल सर्विस की तैयारी करने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे कॉलेज में पढ़ाई करते समय ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दें। ऐसा करने पर उन्हें कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। रोजाना समाचारों पर नजर रखें ताकि सामान्य ज्ञान बढ़ता रहे। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए कोचिंग जरूरी नहीं है। खुद ही इसकी तैयारी करके सफलता पाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मेरा खुद का अनुभव सिविल सर्विस में आने का यही रहा है। एडीसी ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम सराहनीय है। इसका विद्यार्थी लाभ उठाएं और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करें।
हर बेटी को अपराजिता बनकर आना है आगे : नीना वासुदेवा
कॉलेज प्राचार्य नीना वासुदेवा ने कहा कि आज भी समाज में बेटा-बेटी में भेदभाव किया जाता है। लोगों को बेटियों के प्रति अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। आज बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। अपराजिता का मतलब है जिसको कोई जीत न सके। हर बेटी को अपराजिता बनकर आगे आना है।
मानसिक सुदृढ़ता के लिए शिक्षित होना जरूरी : नम्रता पठानिया
प्रोफेसर नम्रता पठानिया ने कहा कि शारीरिक से ज्यादा मानसिक शक्ति जरूरी है। मानसिक रूप से सुदृढ़ होंगे तो किसी भी परिस्थिति का आसानी से सामना कर सकते हैं। मानसिक सुदृढ़ता के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है।
मंजिल हासिल करने के लिए खुद तय करें लक्ष्य : अनुप्रिया
प्रोफेसर अनुप्रिया ने कहा कि आजकल बेटियां किसी भी चुनौती का सामना करने में पीछे नहीं हैं। हर क्षेत्र में सफलता के झंडे बुलंद कर रही हैं। बेटियों को अपनी मंजिल हासिल करने के लिए अपना लक्ष्य खुद तय करना होगा।
ये बोले विद्यार्थी
आईपीएस बनने के लिए शुरू की तैयारी : ज्योति
छात्रा ज्योति ने कहा कि आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। इसके लिए बीए प्रथम वर्ष से ही तैयारी शुरू कर दी है।
सिविल सर्विस में जाने का है सपना : नितिका
छात्रा नितिका ने कहा कि सिविल सर्विस में जाने का सपना बचपन से है। इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रही हूं। माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से जल्द सपना पूरी करूंगी।
पुलिस वर्दी पहनकर लोगों की करूंगी सेवा : तारा
छात्रा तारा ने कहा कि पुलिस सेवा में जाना चाहती हूं। पुलिस वर्दी पहनकर लोगों की सेवा करूंगी। अपराजिता कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला।
कार्यक्रम में मिली जानकारी उपयोगी : शिवानी
छात्रा शिवानी ने कहा कि कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला। मुख्यातिथि ने जीवन में आगे बढ़ने के लिए जो टिप्स दिए वे बहुत उपयोगी साबित होंगे।