बिलासपुर (रामपुर)। नगर की भाखड़ा नदी में डूबे युवक फहीम का शव तीसरे दिन नदी में पानी कम होने पर झाड़ियों में फंसा मिला है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करने पर पुलिस ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द- ए -खाक कर दिया है।
21 जुलाई की शाम को नगर के मोहल्ला शीरीमियां निवासी दूला सेन का पुत्र फहीम अहमद 28 वर्ष मोहल्ले के नजदीक बहने वाली भाखड़ा नदी पार मोहल्ला चांद में अपनी बहन-बहनोई के घर नदी पार करके जा रहा था। वह पानी की तेज धार में बहकर पानी में डूब गया था। उसके डूबने के बाद से ही मोहल्ले के लोगों ने उसे पानी में खोजना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं एसडीएम अशोक चौधरी, सीओ अनुज चौधरी, कोतवाली प्रभारी प्रिंस शर्मा ने बारिश के बावजूद नदी में स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की खोज कराई थी, मगर कोई भी सफलता नहीं मिल सकी थी। गुरुवार को पुलिस ने मुरादाबाद पीएसी की 23 बटालियन के गोताखोरों से भी पूरे दिन नाव के जरिए रेस्क्यू आपरेशन चलाकर नदी में खोज कराई थी, मगर युवक नहीं मिल सका था। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे परिजन फिर मोहल्ले के लोगों के साथ नदी किनारे पहुंचे और देखा कि नदी में पानी काफी कम हो चुका था। कुछ लोगों ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर नक्कारा शाह मियां की मजार के सामने नदी किनारे झाड़ियों में फहीम के शव को फंसा देखा तो पुलिस को सूचना दी। कोतवाली प्रभारी अपने मातहतों व नायब तहसीलदार अमर पाल सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकलवाया। इस दौरान तमाम लोग मौके पर एकत्र हो गए। शव को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पीएम कराने से इनकार करने पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने उसे मोहल्ले के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि परिजनों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया था, इसलिए पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया था।