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Bilaspur News: कथा में नवदुर्गा के स्वरूपों का किया वर्णन

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भगेड़ (बिलासपुर)। जय बाबा नहार सिंह युवक मंडल भगोट के सौजन्य से कुठेड़ा वन विश्राम गृह के टियाले में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। डैहर के प्रसिद्ध विद्वान पंडित आचार्य चमन शास्त्री ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह से ही कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
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आचार्य चमन शास्त्री ने देवी भागवत पुराण का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए इसे सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि आदिशक्ति मां दुर्गा ही सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार की अधिष्ठात्री हैं और उनके बिना संसार का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने देवी के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री का महत्व बताते हुए कहा कि इनकी उपासना से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आगमन होता है। आचार्य शास्त्री ने कथा के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से देवी की आराधना करने वाला व्यक्ति जीवन के दुख-दर्द से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त करता है। कथा श्रवण से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति का मन निर्मल बनता है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा पंडाल गूंज उठा।
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