अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी के खिलाफ सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में करीब चार विभागों से जांच करने के बाद रिपोर्ट मांगी गई है जिससे पता लग सके कि प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी पर लगाए गए आरोप सही है या नहीं। सरकार की ओर से इस संबंध में उद्योग विभाग, फोरलेन परियोजना निदेशक, एसडीएम बिलासपुर, सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
उल्लेखनीय है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने बिलासपुर जिला में कार्यरत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ सीएम को एक शिकायत दी है जिसमें कहा है कि उक्त अधिकारी नियमों को ताक पर रख कर कार्य कर रहा है। उक्त अधिकारी जिला से संबंध रखता है।
जिसका वह फायदा उठा रहा है। अधिकारी के कार्य से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। गोबिंदसागर में अवैध रूप से डंपिंग हो रही है जिससे मछुआरों के जीवन पर भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उद्योगों को एनओसी देने में भी मनमर्जी कर रहा है। उक्त अधिकारी को पहले भी एनजीटी दोषी करार देते हुए दस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
इन सभी मुद्दों के साथ समिति ने प्रदेश सरकार को शिकायत भेज कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की थी। समिति की शिकायत के बाद प्रदेश सरकार की ओर से करीब चार विभागों को जांच कर प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अंडर सेक्रेटरी लोनिवि रितू राज वर्मा, संयुक्त सचिव पर्यावरण सतपाल धीमान ने सहित अन्य अधिकारियों ने इस मामले की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर मांगी है।