बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बीड़ बिलिंग हादसे के बाद हवाई खेल, रिवर राफ्टिंग और जानवरों की सवारी जैसी साहसिक खेलों से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार को जरूरी निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए थे कि प्रदेश में साहसिक खेलों और गतिविधियों वाली साइटों का निरीक्षण सकारात्मक रूप से 6 फरवरी 2022 से पहले किया जाए और इसकी अनुपालना रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दायर की जाए। इसी के तहत बिलासपुर के बंदला पैराग्लाइड़िंग साइट के निरीक्षण के लिए कमेटी गठित की है। यह कमेटी बंदला साइट की रिपोर्ट कोर्ट को देगी कि यहां पैराग्लाइडिंग के मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
जनहित से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि हवाई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा पैराशूट, हेलमेट, दोतरफा रेडियो संचार उपकरण और ऑपरेटरों को हेलिकॉप्टर के उपयोग के लिए बीमा निकासी का प्रबंध किया जाए। ऑपरेटर अपने साथ प्राथमिक चिकित्सा किट जैसे पट्टियां, पैड, धुंध रोलर पट्टियां, दबाव पट्टियां, कैंची आदि रखें। ऑपरेटर के पास प्रतिभागियों के मार्गदर्शन के लिए दो गाइड और हवाई राफ्ट का संचालन करने वाले योग्य व्यक्ति होने अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑपरेटर के पास 18 वर्ष से अधिक आयु वाले गाइड होने चाहिए और सभी गाइड अच्छी तरह से हवाई खेल और बचाव तकनीकों में प्रशिक्षित हों। एयरो स्पोर्ट ऑपरेशन सूर्यास्त से एक घंटे पहले या शाम छह बजे से पूर्व समाप्त कर लिया जाए। अगर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि साहसिक खेल गतिविधियां बिना नियमों के संचालित की जा रही हैं तो इसके लिए वैध पंजीकरण या लाइसेंस, जैसा भी मामला हो तो उसे पर तत्काल रोक दिया जाए। संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी इस मामले पर न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसी के तहत जिला बिलासपुर में भी एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एसडीएम, डीएसपी, लोनिवि एक्सईएन और अन्य विभागों के अधिकारी इसके सदस्य हैं। एसडीएम बिलासपुर सुभाष गौतम ने कहा कि उपायुक्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने साइट का निरीक्षण कर लिया है। कहा कि जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से इस पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।