औहर पंचायत में एंटी चिट्टा और रोड सेफ्टी पर हुई विशेष ग्राम सभा
नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर सामाजिक निगरानी जरूरी
ग्राम पंचायत डमली में नशा विरोधी समिति का किया गया गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़/ऋषिकेश (बिलासपुर)। जिले की पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर चिट्टे के खिलाफ जंग लड़ने की शपथ ली। ग्राम पंचायत औहर में बुधवार को एंटी चिट्टा अभियान और सड़क सुरक्षा (रोड सेफ्टी) को लेकर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा की अध्यक्षता पंचायत प्रधान प्रेम लता ठाकुर ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के बढ़ते खतरे और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रधान प्रेम लता ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में चिट्टे का प्रचलन चारों ओर तेजी से फैल रहा है और हिमाचल प्रदेश भी इसकी चपेट में आ चुका है। उन्होंने कहा कि भले ही लोगों में जागरूकता बढ़ी है और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, बावजूद इसके इस नशे पर पूरी तरह काबू पाना चुनौती बना हुआ है। जब तक समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में आगे नहीं आएगा, तब तक चिट्टे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। उप प्रधान रणजीत सिंह ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रखने में सफल हो जाए, तो चिट्टे पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर सामाजिक निगरानी रखी जाए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
इस अवसर पर लोगों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई। ग्राम सभा में पुलिस कर्मियों के अलावा पंचायत सचिव अंबिका शर्मा, वार्ड सदस्य सरोज कुमारी, गौरव, करमचंद, बबली देवी, ममता देवी, रामप्यारी, संध्या देवी सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर मौजूद रहीं।
ग्राम पंचायत डमली में नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर एक विशेष नशा विरोधी समिति का गठन किया गया। समिति का उद्देश्य नशे का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना और नशे की दलदल में फंस रही युवा पीढ़ी को इससे बाहर निकालना है।
ग्राम पंचायत प्रधान वंदना कुमारी ने कहा कि नशा समाज के लिए ज़हर की तरह काम कर रहा है, जो युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेकर उनका भविष्य बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य कार्य यह पता लगाना होगा कि पंचायत क्षेत्र में कौन नशे का कारोबार कर रहा है और कौन-कौन से बच्चे इसकी चपेट में हैं। स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति इस गतिविधि में संलिप्त पाया गया तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुखलाल ठाकुर, उप प्रधान अश्विनी नड्डा, जोगिंदर पाल, रामपाल, पटवारी कपिल आदि उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य सुखलाल ठाकुर ने कहा कि जिस तरह समाज में नशे का कारोबार बढ़ रहा है, उसका सीधा असर बच्चों और युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशे से बचाव की पहली जिम्मेदारी परिवार की होती है, ताकि बच्चे किसी गलत संगत या गतिविधि में शामिल न हो सकें। चिंता जताते हुए कहा कि बिलासपुर जिले में भी नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उप प्रधान अश्विनी नड्डा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई अकेले नहीं जीती जा सकती। इसके लिए पंचायत, पुलिस और समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा, तभी बच्चों को नशा बेचने वालों से बचाया जा सकेगा। सदर विधानसभा क्षेत्र के बामटा में प्रधान विक्रम और बंदला में प्रधान सतीश की अध्यक्षता में भी नशा विरोधी सभाओं का आयोजन किया गया, जिनमें ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।