- उत्तर भारत के विभिन्न प्रदेशों से पहुंच रहे श्रद्धालु
- दूसरे नवरात्र पर मंदिर न्यास को प्राप्त हुए 7.95 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। तीसरे नवरात्र को श्री नयनादेवी जी में शाम 6:00 बजे तक करीब 15,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने माता के चंद्रघंटा स्वरूप जी पूजा की। सुबह से ही पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचते रहे।
श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में जहां पर पूजा-अर्चना की, वहीं पर घर की सुख-शांति के लिए हवन-यज्ञ भी किया। हालांकि नवरात्र में श्री नयनादेवी जी में इस बार अभी तक उम्मीदों के अनुरूप रौनक नहीं है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट रात 2:00 बजे खोले जा रहे हैं। रात 12 से 2 बजे तक की जा रही सांय कालीन आरती में माता जी को चने एवं पूरी का प्रसाद लगाया जा रहा है। शयन आरती में दूध, बर्फी और फलों का भोग माता जी को अर्पित किया जा रहा है। मंगल आरती में मेवे का भोग और प्रात: कालीन श्रृंगार आरती में हलवा और बर्फी का प्रसाद माता जी को चढ़ाया जा रहा है। दोपहर 12 से 12:30 बजे तक हो रही मध्याह्न आरती में राजसी भोग माता जी को लगाया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं की ओर माता जी के दरबार में सदाव्रत लंगर का आयोजन किया जा रहा। इसमें व्रत रखने वाले श्रद्धालु भी भोजन कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से कडाह प्रसाद और नारियल आदि मुख्य द्वार पर लिए जा रहे हैं। इसके बाद कतार में दर्शन के लिए मुख्य मंदिर में भेजा जा रहा है। श्रद्धालुओं के वाहन घंवाडल में रोके जा रहे हैं। वहां से श्रद्धालु पैदल मां के दरबार तक पहुंच रहे हैं। उधर, मंदिर न्यास को दूसरे नवरात्र पर 7,95,442 रुपये नकद, 10.3 ग्राम सोना, एक किलोग्राम चांदी, एक यूएस डॉलर, 10 यूएई दिरहम और 70 कनाडा के डॉलर चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए।