वोटों की राजनीति के लिए निर्णय बदल रही सरकार : मंच
एससी, एसटी एक्ट संविधान को निरस्त करने पर किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जागरूक ब्राह्मण मंच बिलासपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष नरेंद्र सहोड़ की अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में देश के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से गत 20 मार्च को एससी/एसटी, एटरोसिटी एक्ट के बारे में दिए तर्क संगत निर्णय को संविधान के तहत निरस्त करने के केंद्र सरकार के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस एक्ट के तहत शिकायत होने पर पूरी छानबीन करने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं जोकि बिल्कुल सही है लेकिन अब केंद्र सरकार वोट की राजनीति के लिए इस निर्णय को बदलने के लिए संसद में बिल ला रही है।
ज्ञापन में केंद्र सरकार को आगाह किया है कि यदि ऐसा किया गया तो केंद्र सरकार को संपूर्ण स्वर्ण जाति के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान निर्माताओं ने यह नहीं सोचा था कि एक दिन आरक्षण रूपी दैत्य एक दिन पूरे देश को ही निगल लेगा और प्रतिभा का विनाश कर देगा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से इस मामले पर गंभीरता से विचार कर सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखने की मांग की गई है। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिष्ठा बनाए रखने और आरक्षण को आर्थिक आधार पर किए जाने का आग्रह किया गया है।
इस अवसर पर मंच के मुख्य संरक्षक डॉ. केडी लखनपाल, रामेश्वर कौशल, मनोहर लाल शर्मा, खुशी राम शर्मा, बिशनदास गौतम, नंदलाल गौतम, शशि कांत, राम प्रकाश जोशी, बेली राम शर्मा, मदनलाल शर्मा, दीनानाथ शर्मा, मनसा राम शर्मा, तिलक राज कौशल व विजय पाल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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....खेमराज शर्मा।