कांगड़ा में खड्ड में बहने से एक साधु की मौत हो गई। मंडी के जोगणी मोड़ में क्षतिग्रस्त एनएच से मालवाहक वाहन के ब्यास नदी में गिरने से चालक लापता हो गया है। उधर, सोलन जिले के कुनिहार खंड की मान पंचायत के कांडी गांव में एक व्यक्ति गंबर खड्ड के तेज बहाव में बह गया। शाम तक उसका सुराग नहीं चल पाया। खराब मौसम के चलते अंब, गगरेट, मनाली और बंजार में बुधवार को स्कूल बंद रहे। पौंग बांध से 75 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने से मंड क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार शाम तक प्रदेश में मंडी-जोगिंद्रनगर, आनी-कुल्लू एनएच सहित 366 सड़कें, 929 बिजली ट्रांसफार्मर, 139 पेयजल योजनाएं ठप रहीं।
ऊना जिले में बुधवार सुबह 6:30 बजे से 9:30 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। भारी बरसात से अंब में सिविल जज आवास, ऊना शहर की फ्रेंड्स कॉलोनी, उपायुक्त आवास और उद्योग विभाग का कार्यालय जलमग्न हो गया। अंब अंदौरा क्षेत्र के 50 से अधिक घरों में बरसात का पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है। कई मवेशी बह गए हैं। 12 से अधिक छोटे वाहन सड़क पर फंस गए। कई गाड़ियों के भीतर पानी घुसने से नुकसान हुआ है। गगरेट क्षेत्र के कलोह-बड़ोह में पुल के ऊपर से पानी गुजर गया। डेढ़ घंटा वाहनों की आवाजाही ठप रही। स्वां नदी भी अपने रौद्र रूप में नजर आई। पंडोगा और आसपास के क्षेत्रों में बरसात का पानी खेतों में घुस गया।
सेब से लदा एक मालवाहक वाहन ब्यास नदी में समाया।
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कांगड़ा जिले में बुधवार को हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई। धर्मशाला के सुधेड़ में एक नेपाली मूल के साधु की खड्ड में बहने से मौत हो गई। भरमौर के मणिमहेश नाले में गिरने से एक कार पूरी तरह से तहस नहस हो गई। वहीं, ट्रैकिंग पर गए युवक की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई है। युवक सात दिन से क्वांरसी नागडल में चंबा के वसोधन का युवक फंसा था। बुधवार सुबह इसे एयरलिफ्ट किया गया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने इसे मृत घोषित किया। एनएच पठानकोट-मंडी में बनोई के पास भूस्खलन से चट्टानें सड़क पर आ गईं। इससे कुछ समय के लिए मार्ग बाधित रहा। दिल्ली से गगल के लिए एक इंडिगो की उड़ान नहीं हो पाई।
किरतपुर-मनाली फोरलेन मंडी-पंडोह-कुल्लू मार्ग एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। थलौट की ओर औट ट्रैफिक टनल के बाहर हाईवे पर नई और गहरी दरारें पड़ गई हैं। किरतपुर मनाली फोरलेन पर जोगणी मोड़ के पास बुधवार तड़के तीन बजे सेब से लदा एक मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिरते हुए ब्यास नदी में समा गया। वाहन में सवार किसी का सुराग नहीं लग पाया है।
शास्त्रीनगर में बाढ़ की चपेट में आए कार-बाइक
कुल्लू जिले में मंगलवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से रात करीब 3 बजे शास्त्रीनगर नाले में बाढ़ आ गई। इसकी चपेट में नाले के आसपास खड़ी चार कारें, तीन बाइक मलबे में फंस गई। चंबा जिले में बुधवार सुबह हुई बारिश से चंबा-बैरागढ़-किलाड़ मार्ग तरेला मोड़ के समीप भूस्खलन होने के चार घंटे बाधित रहा। इसके चलते करीब 85 यात्री गाड़ियों में चार घंटे तक फंसे रहे। रावी नदी का जल प्रवाह बढ़ने से चमेरा-एक बांध में जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट प्रबंधन ने अगले दो दिन के भीतर बांध से पानी छोड़ने का फैसला लिया है।