रितु का अनुभव, पुष्पा की कप्तानी, सोने से एक कदम दूर भारत
पिछली बार रितु नेगी की कप्तानी में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाली हिमाचल की बेटियां इस बार उसी सुनहरी कहानी को दोहराने की दहलीज पर हैं। पिछली बार की स्वर्ण विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम में शामिल खिलाड़ी रितु नेगी, पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर फिर मैदान में हैं, लेकिन इस बार तस्वीर में बड़ा बदलाव है। अब कप्तानी पुष्पा राणा के हाथों में है। नेपाल को सेमीफाइनल में 48-24 से रौंदकर फाइनल में पहुंची भारतीय टीम अब लगातार दूसरी बार स्वर्ण पर कब्जा जमाने उतरेगी। हिमाचल की भावना भी इस स्वर्णिम अभियान की अहम कड़ी है। शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबले में नेपाल को 48-24 से शिकस्त देकर भारत ने फाइनल में जगह पक्की की है। अब 26 सितंबर को स्वर्ण पदक के लिए भारत का मुकाबला होगा। भारतीय टीम पुष्पा राणा की कप्तानी में पूरी तरह से जोश में है।
पिछले एशियन गेम्स में रितु नेगी ने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए स्वर्ण पदक दिलाया था। उस टीम में पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर भी शामिल थीं। इस बार जिम्मेदारियां बदल गई हैं। रितु अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर टीम को मजबूती दे रही हैं तो पुष्पा कप्तान की भूमिका में हैं। ऐसे में हिमाचल की इन बेटियों के सामने पिछली सफलता को दोहराने की चुनौती है। भारत ने ग्रुप चरण में बांग्लादेश, ईरान और जापान को हराकर अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। नेपाल के खिलाफ भी भारतीय टीम ने शुरुआत से दबदबा बनाए रखा और 48-24 से जीत दर्ज की। फाइनल में हिमाचल की निगाहें कप्तान पुष्पा राणा पर रहेंगी। उनके साथ रितु का अनुभव, ज्योति ठाकुर की मौजूदगी और भावना की भागीदारी भारतीय टीम को मजबूती दे रही है। अब हिमाचल की इन चार बेटियों के सामने देश के लिए लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने का मौका है।
जोगिंद्रनगर के सावन आज दौड़ेंगे 42 किलोमीटर, देश की नजरें पदक पर
वहीं जोगिंद्रनगर की पहाड़ियों में दौड़कर बड़े सपने देखने वाले धावक सावन बरवाल अब जापान की जमीन पर देश के लिए 42 किलोमीटर दौड़ेंगे। शनिवार को एशियन खेलों की फुल मैराथन में सावन अपने साथी धावक कार्तिक (नासिक) के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। जोगिंद्रनगर से लेकर पूरे हिमाचल की निगाहें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके सावन से इस बार भी पदक की उम्मीद है। सावन के पहले खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने बताया कि 26 सितंबर को होने वाली फुल मैराथन के लिए सावन पूरी तरह तैयार हैं। सावन पहले भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एथलेटिक्स की विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। अब एशियन खेलों में 42 किलोमीटर की चुनौती उनके सामने है। चार अक्तूबर तक चलने वाले एशियन खेलों में विभिन्न खेलों के मुकाबले होंगे। हिमाचल के खिलाड़ी भी भारतीय दल का हिस्सा हैं।