हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार किया गया महत्वाकांक्षी शिमला रोपवे प्रोजेक्ट राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण अधर में लटक गया है। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के काम पर फिलहाल रोक लगा दी है और जारी की गई सभी वित्तीय बोलियों को पूरी तरह रद्द कर दिया है। यह खुलासा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए गए नए हलफनामे से हुआ है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश की नाजुक वित्तीय स्थिति को देखते हुए शिमला रोपवे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर इस प्रोजेक्ट की वित्तीय बोलियों को भी रद्द कर दिया है।