नई भर्तियों के तहत पहले की तरह संबंधित पद पर लागू वेतन मैट्रिक्स स्तर के पहले सेल का 60 फीसदी ही प्रतिमाह वेतन मिलेगा। ट्रेनी को नियमित कर्मचारियों की तरह पेंशन, जीपीएफ और छुट्टी के लाभ नहीं दिए जाएंगे। इन्हें मेडिकल बिलों का भुगतान भी नहीं होगा और न एलटीसी मिलेगा। सरकार ने भर्ती और सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तें अधिनियम 2024 लागू करने के बाद अनुबंध आधार पर नियुक्तियों की प्रणाली को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। 20 फरवरी को लागू इस कानून में 12 दिसंबर 2003 से पूर्व के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, जो अनुबंध नियुक्तियों को नियमितीकरण द्वारा नियुक्तियों से प्रतिस्थापित करते हैं। पहले से चल रहीं भर्तियों सहित सभी आगामी भर्तियां ट्रेनी आधारित नियुक्ति मॉडल के तहत होंगी। ट्रेनी और सरकार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ट्रेनी अवधि के दौरान कोई भी ईपीएफ/जीपीएफ या बीमा योजना लागू नहीं होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले नियमों के तहत लंबित भर्ती आवश्यकताएं और चल रहे चयन, जहां पहले से ही ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं, वे भी 20 फरवरी से प्रभावी इन नए नियमों के दायरे में आएंगे।
नए भर्ती नियमों के तहत नियुक्ति प्रक्रियाएं शुरू करने के निर्देश
राज्य सरकार ने नए भर्ती नियमों के तहत नियुक्ति प्रक्रियाएं शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वीरवार को कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर लंबित भर्ती मामलों को लेकर स्पष्टता दी। कार्मिक सचिव ने बताया कि उचित विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया है कि केवल उन रिक्तियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी, जिनके लिए संबंधित भर्ती एजेंसियों के पास पहले से ही मांगें लंबित हैं, या जिन्हें विज्ञापित किया गया है, लेकिन चयन प्रक्रिया या नियुक्ति प्रस्ताव रोक दिए गए थे। भर्ती एजेंसियों और नियुक्ति प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि भविष्य में कोई भी विज्ञापन और नियुक्ति प्रस्ताव उक्त दिशा-निर्देशों के पूर्ण अनुपालन में हों। इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता और नीति का पालन करना है।