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AIIMS Bilaspur: फर्जी दस्तावेज लेकर एमबीबीएस काउंसलिंग में पहुंची अभ्यर्थी, ऐसे उजागर हुआ मामला; केस दर्ज

Fri, 22 Aug 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

Aiims Bilaspur MBBS Counseling : एमबीबीएस बैच-2025 की पहली काउंसलिंग में एक बिहार की महिला अभ्यर्थी पहुंची। एम्स प्रबंधन ने जब उसके दस्तावेजों का सत्यापन किया तो दस्तावेज फर्जी पाए गए। पढ़ें पूरी खबर...
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एम्स बिलासपुर (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस बैच-2025 की पहली काउंसलिंग में फर्जी दस्तावेज लेकर एक महिला अभ्यर्थी पहुंच गई। एम्स प्रबंधन ने जब दस्तावेजों का सत्यापन किया तो दस्तावेज फर्जी पाए गए। एम्स प्रशासन की ओर से शिकायत देने पर बिलासपुर सदर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी महिला से सख्ती से पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी महिला ने रैंक कार्ड और अलॉटमेंट पत्र में छेड़छाड़ की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने बताया कि यह केस एम्स प्रशासन की लिखित शिकायत पर पंजीकृत किया गया। बिहार के लखीसराय जिले के वार्ड- 28, नया बाजार, कुशवाहा मार्केट निवासी अंकिता भारती दस्तावेज सत्यापन के लिए एम्स बिलासपुर पहुंची थी। जब काउंसलिंग कमेटी ने उसका नाम मेडिकल काउंसलिंग समिति की 100 चयनित उम्मीदवारों की सूची में जांचा तो वह सूची में नहीं पाया गया। रैंक सत्यापन के लिए उससे लॉगइन आईडी मांगी गई, लेकिन उसने पासवर्ड के काम न करने का बहाना किया। इसके बाद समिति ने ऑनलाइन सूची और नीट यूजी डेटा से मिलान किया। जब उससे स्कोर कार्ड मांगा गया तो उसने धुंधला और अपठनीय कार्ड प्रस्तुत किया।

अभ्यर्थी ने मोबाइल से लिया गया रैंक लेटर का स्क्रीन शॉट भी दिखाया। उसमें उसका पर्सेंटाइल 84 और अंक 590 दर्शाए गए थे। जब समिति ने अन्य अभ्यर्थियों से तुलना की तो गड़बड़ी उजागर हुई। आधिकारिक वेबसाइट से जब उसका असली स्कोर कार्ड डाउनलोड किया गया तो उसमें उसके केवल 30 अंक और रैंक लगभग 20 लाख पाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ के दौरान अंकिता ने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर और स्कोर कार्ड में हेराफेरी की थी। इसके बाद एम्स प्रशासन ने पूरी जानकारी पुलिस को सौंप दी।

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