हरियाणा के यमुनानगर में बिजली की हाईटेंशन तार के टावर लगाने के मुआवजे को लेकर मंगलवार को रोड छप्पर गांव में हंगामा हो गया। आरोप है कि खेतों में टावर लगाने पहुंचे पावर ग्रिड के कर्मचारियों के यंत्रों को किसानों ने छीन लिया। साथ ही कर्मचारियों को वहां से खदेड़ भी दिया। इस दौरान किसानों की कर्मचारियों व पुलिस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
जब काम नहीं रूका तो किसान जाम लगाने के लिए सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे के बीच लेट गए। पुलिस ने किसानों को समय रहते हाईवे से हटा दिया। मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे जो किसानों के साथ धरने पर बैठ गए।
बाद में पुलिस ने डीसी से बातचीत कराने का आश्वासन दिया तो किसान मान गए। अब 27 जून को लघु सचिवालय में किसानों की डीसी कैप्टन मनोज कुमार से बातचीत होगी। तब तक टावर लगाने का काम बंद रहेगा।
करीब एक साल से रोका हुआ है काम
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि मंगलवार को गांव रोड छप्पर में पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों के खेतों में बिजली के टावर लगाने के लिए भारी पुलिस फोर्स भेज दी गई। लेकिन किसानों ने विरोध किया और टावर नहीं लगने दिए। तकरीबन एक साल से जो बिजली की लाइन के बड़े-बड़े टावर लगाए जा रहे हैं उनका काम किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर रोका हुआ है। कई बार इस बारे में मीटिंग हो चुकी है।
डीसी ने कमिश्नर के पास अपील करने को कहा
कुछ दिन पहले भी भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपने शिष्ट मंडल के साथ डीसी से मिले थे। तब डीसी ने कहा था कि वह अपना फैसला दे चुके हैं। इसलिए आप कमिश्नर के पास अपील करें। किसान कमिश्नर के पास गए और कमिश्नर ने डीसी साहब के पास फाइल भेज दी। डीसी ने एसडीएम की ड्यूटी लगा दी, लेकिन किसानों को कुछ नहीं बताया गया कि कमेटी ने क्या फैसला किया है। रेट बढ़ाया है या नहीं, किसानों को कितना देंगे कोई जानकारी इस बारे में नहीं दी गई। बिना किसानों से बात किए सीधे फोर्स भेज कर टावर लगाने की कोशिश की गई।
अब 27 जून को होगी डीसी से मीटिंग
इस दौरान डीएसपी राजेश कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रादौर तहसीलदार अनिल कुमार पहुंचे थे। किसानों के विरोध के बाद 27 जून को दोबारा फिर सुबह 11 बजे डीसी ऑफिस में किसानों की मीटिंग होगी और तब तक काम बंद रहेगा जब तक कोई फैसला नहीं होता। इस मौके पर संदीप टोपरा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, प्रवक्ता राकेश बैंस, मलकीत सिंह अंबाला, राजकुमार, हरपाल सुढल, गुलाब पूनिया विक्रांत, जोगिंदर समेत अन्य मौजूद रहे।