संवाद न्यूज एजेंसी
जठलाना। गांव कंडरौली में शराब का ठेका खोले जाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। लगातार तीसरे दिन रविवार को भी गांव की महिलाओं ने ठसका रोड पर स्थित ठेके पर जाकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शराब के ठेके पर ताला जड़ दिया। आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि वे गांव में शराब का ठेका नहीं चलने देंगी। इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी देनी पड़ी तो वे पीछे नहीं हटेंगी।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि रोष प्रदर्शन के दौरान शराब ठेकेदार के आदमियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। ठेकेदार के एक कर्मचारी ने शराब पीकर उनके साथ गाली गलौच तक की,जिसकी शिकायत वह थाना प्रभारी को देंगी। महिलाओं ने सरकार व प्रशासन से शराब का ठेका तुरंत बंद करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गांव में खोला गया ठेका बंद नहीं किया गया तो वह ठेके पर अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाने के लिए मजबूर हो जाएंगी। विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत करने प्रशासन की ओर से तीसरे दिन भी कोई भी अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस पर भी महिलाओं में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया।
पूर्व सरपंच संतोष ढांडा, मलकीतो देवी, परमजीत कौर, मंजीत कौर, सुदेश, सुषमा, उर्मिला, निर्मला, राजपति, रोशनी देवी, कला, बबली, पुष्पा, कैलाशो, संतोष, मायादेवी, चरणों देवी आदि ने बताया कि उनके गांव आजादी के बाद से लेकर अभी तक शराब ठेका नहीं खोला गया। गांव में आर्य समाज को मानने वाले लोग रहते हैं। जिस सड़क पर प्रशासन ने शराब का ठेका खुलवाया है, उस पर गांव की महिलाएं सैर करने के लिए जाती हैं। वहीं इसी सड़क मार्ग पर गोगा माडी की मजार भी है, जहां ग्रामीण माथा टेकने जाते हैं।
पंचायत के प्रस्ताव को दरकिनार किया
महिलाओं ने बताया कि पंचायत ने ठेका खुलने से पहले प्रशासन को प्रस्ताव पास करके दिया था कि गांव में शराब का ठेका नहीं खुलना चाहिए। इसके बावजूद शराब का ठेका खोला गया है। ठेका खुलने से शराब पीकर झगड़े हो रहे हैं। इस पर निर्णय लिया है कि वह किसी भी कीमत पर गांव में शराब का ठेका नहीं चलने देंगी। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को ठेका खोला गया था। गांव के लोगोें ने ठेका खुलने का वरोध करते हुए नौ जुलाई को एसडीएम रादौर सुरेंद्र पाल को शिकायत दी। वहीं पूर्व राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, एसएचओ जठलाना व एसपी को शिकायत की। किसी ने भी उनकी समस्या का कोई भी समाधान नहीं किया।
कानूनी रूप से ठेका दिया गया है। ग्रामीणों को एतराज है तो कानूनी तरीका अपनाएं। मामले को लेकर कुछ समय पहले ग्रामीण मिले थे, उन्हें पूरी प्रक्रिया समझा दी गई थी। - अमित खंगलवाल, जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी
मामले को लेकर आबकारी अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। जो भी कानूनी पहलू होगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। -रजत गुलिया, डीएसपी