संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के बाद मौसम बदल गया है। इन दिनों सुबह व शाम को गुलाबी सर्दी का एहसास होने लगा है। वहीं बेमौसम की बारिश ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। चूंकि इस मौसम में मच्छरों का पनपना तेजी से होता हैं। ऐसे में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। इसे लेकर विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
मौसम बदलने के साथ जिले में डेंगू के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। जिले में अब तक डेंगू से एक की मौत भी हो चुकी है। वहीं डेंगू के संदिग्धों मरीजों की संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी है। इसे लेकर अब विभाग सतर्क है। विभाग स्थिति को देखते हुए अपना सर्वे जारी रखेगा और लारवा की खोज करेगा। अभी जिले में कुल 87 डेंगू के मरीज हैं, जबकि 152 की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
इन दिनों डेंगू के सबसे ज्यादा संदिग्ध मरीज निजी अस्पतालों में हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की रेपिड रिपोर्ट को नहीं मानता है। वहीं निजी अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देने में देरी कर रहे हैं। जिले के विभिन्न अस्पतालों में बुखार के करीब आठ लोग भर्ती हैं। वहीं क्लीनिक पर दवा लेने वालों की संख्या हजारों में हैं। विभाग के सामने सबसे ज्यादा समस्या यह है कि लारवा घरों में पनप रहा है। विभाग इसे लोगों की लापरवाही बता रहा है। विभाग का कहना है कि लोग घरों में पानी एकत्र होने दे रहे हैं, जिस कारण मच्छर व लारवा पनप रहा है।
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं
अस्पतालों में जितने भी मरीज भर्ती हैं, उन्हें बुखार की शिकायत है। उनके प्लेटलेट्स गिर रहे हैं। इसे लेकर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वागेश गुटेन ने बताया कि बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। यह सामान्य है। हर स्थिति में प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं होता है। बुखार उतरने पर प्लेटलेट्स की स्थिति भी सामान्य हो जाती है।
विभाग डेंगू और वायरल को लकर पूरी तरह सतर्क है। हर क्षेत्र में टीम काम कर रही है। लारवा का सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। मौसम बदलने के कारण स्थिति कुछ गंभीर हो गई है। लेकिन विभाग के नियंत्रण में है। - डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।