मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर साथ लगते गांव के ग्रामीणों ने वीरवार को जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि पहले गांव के ग्रामीणों से टोल टैक्स नहीं लिया जाता था, लेकिन अब टोलकर्मी जबरन उनसे भी वसूली कर रहे हैं। हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर वे अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में टोल प्लाजा के अधिकारी ने चार किलोमीटर के दायरे में टैक्स नहीं वसूलने की बात कही तो ग्रामीण शांत हुए।
किसान आंदोलन के चलते एक साल से बंद मिल्क माजरा टोल प्लाजा मंगलवार की रात से शुरू हो गया। इसके बाद से टोल प्लाजा पर टैक्स को लेकर विवाद चल रहा है। इससे नाराज आसपास के ग्रामीणों ने वीरवार को टोल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि टोल के पास ही उनके खेत लगते हैं, ऐसे में उनका दिन में कई बार टोल के पार चक्कर लगते रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनका टोल टैक्स बंद था, लेकिन अब टोलकर्मी जबरन वसूली कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना छप्पर एसएचओ राय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे पर जब ग्रामीण वहां से हटने को तैयार नहीं हुए तो उन्होंने टोल प्लाजा के अधिकारी लोकेश शर्मा से बातचीत की। जिस पर उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा के समीप चार किलोमीटर की दूरी वाले गांव के लोगों को टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मगर उनकी गाड़ी लोकल होनी चाहिए। इसके अलावा आधार कार्ड के साथ-साथ गांव के सरपंच के लेटर हेड पर उन्हें लिखवाना पड़ेगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। वहीं टोल अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि 20 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले लोगों के लिए टोल पर पास बनाए जाते हैं। जिन गाड़ियों पर फास्टैग लगा है, उनका एक तरफ का पूरा और वापसी का आधा टोल लगेगा और जो वाहन बिना फास्टैग के हैं उनसे अप एंड डाउन दोनों तरफ का टोल वसूला जाएगा।