फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: मृत समझकर घरवालों ने की थी अंतिम संस्कार की रस्में, 30 साल बाद 'जिंदा' मिला यूपी का होमगार्ड

Sat, 26 Jun 2021 02:31 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

हरियाणा के यमुनानगर में 30 साल से लापता उत्तर प्रदेश निवासी होमगार्ड सकुशल मिला है। परिजन उसे मृत मान कर अंतिम संस्कार की रस्में तक कर चुके थे। लेकिन 30 साल बाद मिली यह खुशी उनके लिए अनोखी है। 
विज्ञापन
30 साल बाद हरियाणा में मिला यूपी का लापता होमगार्ड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के जिला मिर्जापुर से तीस साल पहले लापता व्यक्ति को स्टेट क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने परिजनों से मिलाया है। वह यूपी में होमगार्ड के पद पर कार्यरत था और दौरा पड़ने के बाद अचानक लापता हो गया था। परिवार वालों ने उसे मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में तक पूरी कर चुके थे। 

विज्ञापन


फिलहाल रोहित नाम का यह शख्स डेढ़ साल से यमुनानगर के गांव मगरपुर स्थित आसरा दा आसरा आश्रम में रह रहा था। उसके संचालक जसकीरत सिंह ने उसके बारे में स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम को जानकारी दी थी। उसके बाद टीम हरकत में आई और रोहित से जानकारी हासिल कर उसके परिजनों को खोज लिया। 

विज्ञापन

परिवारवाले रोहित को मृत मान चुके थे और उसके कागजात भी मृत के तैयार करवा लिए थे। इतना ही नहीं मौत के बाद होने वाली तमाम रस्म भी कई साल पहले ही पूरी कर चुके थे। अब उसके मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे अब उसे अपने साथ ले गए हैं।

स्टेट क्राइम ब्रांच एंटी ह्यूमन ट्रैफकिंग सेल पंचकूला में तैनात एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि रोहित को अपने परिवार से बिछड़े 30 साल हो चुके थे। अब वह 60 साल का हो चुका है। उसके बेटे 30 साल से ज्यादा उम्र के हो चुके हैं। आश्रम के संचालक जसकीरत सिंह ने उन्हें बताया था कि करीब 60 साल का रोहित उनके यहां पर डेढ़ साल से है। 

इस पर उन्होंने उसके परिजनों की तलाश शुरू की। वह अपना गांव झीलवर बता रहा है। इस पर उन्होंने यूपी के उस गांव के लोगों से संपर्क किया। वहां के गांव के सरपंच को फोटो भेजी। इसके बाद पता चला कि रोहित के परिवार के लोग अब वहां पर नहीं रहते है। वे 25 साल पहले गांव छोड़कर चले गए थे। 

अब रोहित की पत्नी अपने परिवार के साथ अपने मायके में रहती है। उसके बाद उनके मायके के गांव मांडा में संपर्क किया गया। वहां से उसके पारिवारिक सदस्य अमरनाथ का नंबर दिया जोकि गुरुग्राम में रहता है। रोहित के बेटे ने पुलिस को बताया कि उसका पिता मिर्जापुर में होमगार्ड था। तब वे ड्यूटी पर थे। उन्हें दौरा पड़ा था लेकिन इसके बाद उनका पता नहीं चला। उन्होंने कई जगह तलाश भी की लेकिन पता नहीं चला। अब पिता से मिलकर खुश हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें