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Yamuna Nagar News: फोन पर दो किलो सोने की लूट, एफआईआर में रह गई 4 तोले की

Sun, 09 Aug 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। छप्पर थाना क्षेत्र में अमृतसर के सराफ से लूट के मामले में सोने की मात्रा को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है। वारदात के बाद पुलिस को दी गई सूचना में करीब दो किलो सोना लूटे जाने की बात सामने आई थी। अब एफआईआर में लूटे गए सामान में 500 ग्राम ज्वेलरी व 40 ग्राम शुद्ध सोना बताई गई है। मात्रा में आए इस बड़े अंतर ने पुलिस की जांच को और पेचीदा कर दिया है।

31 जुलाई को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि भभोली से पाबनी रोड पर अमृतसर से आए सोने के कारोबारी से मारपीट कर करीब दो लाख किलो सोने की ज्वेलरी लूट ली गई है। सूचना के बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। बाद में कारोबारी जयपाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके बैग में तैयार सोने के आभूषण थे।
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एफआईआर में 500 ग्राम ज्वेलरी व 40 ग्राम शुद्ध सोने की मात्रा का जिक्र किया गया है। ऐसे में शुरुआती सूचना में बताए गए करीब दो किलो सोने और बाद में दर्ज एफआईआर में सामने आई मात्रा में भारी अंतर है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शुरुआती सूचना में दो किलो सोने का आंकड़ा किस आधार पर सामने आया था और बाद में मात्रा घटकर चार तोले के करीब कैसे रह गई।
इसके लिए कारोबारी से सोने की खरीद के बिल, डिलीवरी संबंधी दस्तावेज और संबंधित सर्राफा कारोबारियों की जानकारी मांगी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिन कारोबारियों को सोना पहुंचाया जाना था, क्या वास्तव में उनके लिए इतनी मात्रा में डिलीवरी निर्धारित थी और उसका भुगतान पहले किया गया था या नहीं।
मात्रा में अंतर के चलते पुलिस सभी तथ्यों और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। छप्पर थाना प्रभारी अजय ने बताया कि मामले में पुलिस टीम द्वारा जांच की जा रही है। जांच में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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घटना के सात दिन बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
कारोबारी से लूट के मामले में घटना के सात दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई। 31 जुलाई को वारदात के बाद पुलिस ने कारोबारी और उसके बेटे से पूछताछ की थी। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उसकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिस कारण वह बयान दर्ज नहीं करा पाए। इसके बाद सात अगस्त को उसने पुलिस को लिखित बयान दिया, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
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