संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी-पावंटा राष्ट्रीय राजमार्ग 73ए पर भीलपुरा के पास कार ने बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। इससे दोनों दोनों की मौत हो गई। दोनों दोस्त आधी रात को अपने जानकार के बेटे के जन्मदिन समारोह से घर लौट रहे थे। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी कार चालक पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
याकुबपुर निवासी रामकुमार ने छछरौली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसका भतीजा राहुल कुमार (19) व उसका दोस्त छछरौली की हरिजन बस्ती निवासी रजत कुमार (17) छछरौली बाजार स्थित सेठी कलेक्शन पर काम करते थे। दोनों आपस में अच्छे दोस्त थे। दोनों वीरवार रात को दुकान से काम निपटाने के बाद अपने जानकार भीलपुरा निवासी सुनील कुमार के बेटे के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए गए थे।
समारोह से निपटने के बाद रात करीब एक बजे दोनों बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। बाइक राहुल चला रहा था, जबकि रजत पीछे बैठा हुआ था। जगाधरी-पावंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कौशिक ढाबा के पास पहुंचे तो जगाधरी की तरफ से आई कार ने सीधी टक्कर उनकी बाइक में मार दी। इससे दोनों उछल कर सड़क पर जा गिरे। कार चालक बाइक को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया।
हादसे के बाद आरोपी कार चालक फरार हो गया। हादसे में दोनों दोस्तों को सिर, मुंह व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं, जिससे वे बेहोश हो गए। इसके बाद किसी ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। एंबुलेंस की मदद से दोनों दोस्तों को सिविल अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। छछरौली थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह का कहना है कि आरोपी कार चालक पर केस दर्ज कर लिया गया है। दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। आरोपी कार चालक की तलाश की जा रही है।
इकलौते बेटे थे दोनों दोस्त
मृतक राहुल और रजत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। रजत के पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। राहुल के पिता मानसिक रूप से कमजोर हैं और माता दिव्यांग हैं। दोनों दोस्तों की एक-एक बहन है। दोनों दोस्तों पर अपने परिवारों के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। हादसे में हुई दोनों दोस्तों की मौत के बाद परिवार में मातम है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़कों पर सुरक्षा मापदंड की दरकार
जिले में सड़क हादसोें का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन केवल रोड सेफ्टी के नाम पर खानापूर्ति करता नजर आ रहा है। अभी तक अधिकतर सड़कों पर हादसों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम नदारद है। पिछले दस दिनों में सबसे अधिक हादसे जगाधरी-पावंटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए है। मार्ग पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश राज्यों के वाहन निकलते है। बावजूद इसके इस मार्ग पर हादसों के रोकने में प्रशासन नाकाम है। सड़क पर कई जगह जहां बर्म व सड़क के बीच छह इंच से एक फुट तक का अंतर बना हुआ है तो कई जगह पूर्व संकेतक बोर्ड गायब है। इस मार्ग पर दस दिन में पांच लोगों की जान जा चुकी है। वहीं जिलेभर में 15 लोग हादसों के कारण अपनी जान गवां चुके हैं।
- 27 अक्तूबर की रात बिलासपुर रोड पर आहलूवाला के पास कार की टक्कर से बाइक सवार तेलीपुरा निवासी हर्ष (18) की मौत।
- 27 अक्तूबर की रात बिलासपुर रोड पर गांव खानूवाला के पास बाइक की टक्कर से राजपुरा निवासी राकेश की मौत।
- 25 अक्तूबर की सुबह रादौर रोड पर नहर पुल के पास बाल छप्पर से नाचरौन में बारात लेकर जा रही कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दुल्हे के चचेरे भाई बालछप्पर निवासी जसविंद्र कुमार की मौत हो गई थी।
- 25 अक्तूबर की रात बुड़िया चौक पर बैक करते हुए ट्रक ने मांडखेड़ी की टपरियां निवासी महिपाल को कुचल दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
- 24 अक्तूबर की रात बाईपास पर बाइक की टक्कर से चांदपुर की विशाल कॉलोनी जितेंद्र सिंह की मौत।
- 22 अक्तूबर की रात को कुरुक्षेत्र सहारनपुर रोड पर कैंप के नजदीक ट्रक ने बाइक सवार जोड़ियो निवासी नरेश कुमार का कुचल दिया। इसमें उसकी मौत हो गई।
- 22 अक्तूबर को साढौरा रोड पर गांव पांडो के पास कार की टक्कर से बाइक सवार अंबाला के गांव गडौली निवासी गुरदेव की मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी मोनिका व बेटी घायल हो गई।
- 22 अक्तूबर को ही साढौरा रोड पर गांव सरावां के पास कार की टक्कर से ढलौर निवासी हुकुम सिंह की मौत।