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यमुनानगर के तीन युवा वैज्ञानिकों ने छह क्षुद्रग्रहों की खोज की

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अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के अंतरराष्ट्रीय क्षुद्र ग्रह खोज परियोजना-2021 के तहत शहर के तीन युवा वैज्ञानिकों ने छह प्रारंभिक क्षुद्र ग्रहों की खोज की है। नासा की स्मार्ट सर्किट्स इनोवेशन टीम में यमुनानगर के सौरभ कौशल, सचिन शर्मा और राघव शर्मा शामिल हैं। अब नासा द्वारा इन क्षुद्र ग्रहों की कक्षा, आकार और गति विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के बाद नासा द्वारा उन्हें एक आधिकारिक नाम दिया जाएगा।
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प्रतिभागी शोधकर्ता सौरभ शर्मा ने बताया कि नासा की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्षुद्र ग्रह डिस्कवरी परियोजना का आयोजन किया जाता है और नासा द्वारा पहले से चयनित शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष में मौजूद क्षुद्र ग्रहों की फोटो उपलब्ध करवाई जाती है। शोधकर्ताओं को इन क्षुद्र ग्रहों के वास्तविक खगोलीय डाटा का पता लगाने और क्षुद्र ग्रहों की तलाश करने का अवसर दिया जाता है। इस साल कुल 134 टीमों को क्षुद्र ग्रहों का डाटा उपलब्ध करवाया गया था। उनकी टीम द्वारा पहचाने गए छह क्षुद्र ग्रहों को अस्थायी रूप से नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके शोध निष्कर्ष को अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान खोज सहयोग की साइट पर उपलब्ध करवाया गया है।
टीम के सदस्य सचिन शर्मा और राघव शर्मा ने बताया कि नासा के पास अमेरिका के हवाई शहर में एक विशेष टेलीस्कोप रखा गया है, जो नियमित अंतराल पर आकाश की तस्वीरें लेता है। अंतरराष्ट्रीय क्षुद्र ग्रह खोज परियोजना कार्यक्रम के तहत उन तस्वीरों को प्रतिभागियों को भेजा गया था। उन्होंने नासा के सॉफ्टवेयर की मदद से तस्वीरों की पड़ताल की।
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क्या हैं क्षुद्र ग्रह
- स्मार्ट सर्किट्स इनोवेशन टीम के अनुसार क्षुद्र ग्रह सौर मंडल में छोटी चट्टानें और वस्तुएं हैं, जो पृथ्वी के लिए खतरा पैदा करती हैं। जमी हुई ये चट्टानें सूर्य की परिक्रमा करती हैं। ये क्षुद्र ग्रह कभी-कभी पृथ्वी की कक्षा को पार कर बहुत करीब आ सकते हैं। यदि क्षुद्रग्रह 140 मीटर व्यास से बड़ा है, तो इसे संभावित रूप से खतरनाक माना जाता है। नासा क्षुद्र ग्रहों से संबंधित किसी भी आपदा को रोकने के लिए इनकी पहचान करने और उन्हें ट्रैक करने के लिए काम करती है। उन्होंने बताया कि क्षुद्र ग्रहों के रूप में पृथ्वी पर मुसीबत के बादल मंडराते हैं। डायनासोर जैसे विशालकाय जीवों के अस्तित्व को खत्म करने में क्षुद्र ग्रहों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई 2021 को एक बड़ा क्षुद्र ग्रह पृथ्वी के पास से गुजरा था। हालांकि इसने किसी भी तरह से पृथ्वी को नुकसान नहीं पहुंचाया। खोज दल के सदस्यों ने पैनोरमिक सर्वे टेलीस्कोप, रैपिड रिस्पांस सिस्टम, संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई में स्थित अंतरिक्ष दूरबीन द्वारा कैप्चर किए गए डेटा और छवियों का उपयोग किया।
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