अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जगदीप सिंह की अदालत ने सरोजनी कालोनी में अनादि दिव्य आश्रम विकास नगर निवासी दिवाकर से पर्स छीनने के मामले में दो नाबालिग सहित तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। केस की सुनवाई के दौरान शिकायकर्ता ने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने भी अदालत में कोई रिकवरी पेश नहीं की।
एडवोकेट भरत कुमार ने बताया कि यमुनानगर शहर पुलिस ने 28 सितंबर 2018 को अनादि दिव्य आश्रम विकास नगर निवासी दिवाकर की शिकायत पर तीन युवकों के खिलाफ झपटमारी का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने कहा था कि 28 सितंबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे वह सरोजनी कालोनी की मुख्य सड़क पर लगे पेड़ से पूजा के लिए फूल तोड़ रहा था। तभी तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए। जिन्होंने उससे हमीदा जाने का रास्ता पूछा। जब वह उन्हें रास्ता बता रहा था, तभी वे बाइक से नीचे उतरकर आए।
उनमें से एक ने मारपीट शुरू कर दी और बाकी दो ने उसकी जेब से पर्स निकाल लिया। विरोध करने पर मारपीट की। शोर मचाया तो नजदीक में सैर कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद वे तीनों बाइक लेकर फरार हो गए। पर्स में पांच हजार रुपये, पेंशन व आधार कार्ड तथा अन्य जरूरी कागजात थे। एडवोकेट के मुताबिक किसी अन्य केस में नामजद अंबाला के एक जुवेनाइल से पुलिस पूछताछ में स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को बताया कि उसने अंबाला की हरिनगर कालोनी निवासी संदीप व एक अन्य जुवेनाइल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।