यमुनानगर। अब अवैध कॉलोनी में रहने वाले पीएमएवाई के पात्रों का भी पक्के मकान बनाने का सपना पूरा होगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी में रहने वाले पात्रों को भी योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। योजना का लाभ उन पात्रों को दिया जाएगा जिनके कच्चे मकान व प्लाट उन अवैध कॉलोनियों में है। वह कॉलोनियां वैध होने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के विचाराधीन हैं
सरकार हर जरूरतमंद को पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शुरू की है। योजना के तहत साल 2017 में सरकार ने आवेदन मांगे थे। जिसके बाद नगर निगम एरिया के 4375 लोगों के आवेदन आए थे। पात्रों की निगम अधिकारियों ने जांच शुरू र्की। जांच में लगभग 1900 आवेदक नियमों पर खरे नहीं उतरे। इनमें कुछ आवेदक ऐसे भी थे, जिनके घर अवैध कॉलोनियों में हैं। अब सरकार इन्हें भी योजना का लाभ देगी। इस संबंध में नगर निगम में आवास विभाग हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव से पत्र आया है। जिसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पात्रों को कई कारणों के चलते योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जैसे उसका प्लाट व कच्ची छत वाला मकान अवैध कॉलोनी में होना, पहले से किसी अन्य आवास के लिए योजना का लाभ लेना, सभी दस्तावेज न होना व कई अन्य कारण है। ऐसे पात्र जो योजना का लाभ लेने में सक्षम है, लेकिन वैध कॉलोनी न होने के चलते उन्हें योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार विचार विमर्श किया गया था। जिसके बाद अवैध कॉलोनियों में पीएमएवाई (शहरी) के अनुमोदित आवेदकों को एकमुश्त अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। योजना का लाभ उन आवेदकों को नहीं दिया जाएगा, जिन्होंने पहले से किसी अन्य आवास के लिए योजना का लाभ लिया हुआ है।
1577 पात्रों को पहली व 1295 को दूसरी जारी हो चुकी है किस्त
मेयर मदन लाल ने बताया कि पीएमएवाई के तहत पक्का मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। मकान की नींव भरते समय एक लाख रुपये, लेंटर डालने पर एक लाख व निर्माण पूरा होने पर 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। योजना के तहत अब तक हम 1577 पात्रों को पहली किस्त जारी कर चुके हैं। इसके अलावा 1295 लोगों को दूसरी और 694 को तीसरी किस्त जारी हो चुकी है। अब लगभग साढ़े 32 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।