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छठे नवरात्र पर मां कात्यायनी की पूजा का विधान

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नवरात्र पर सजाया गया जोड़िया स्थित नैना देवी मंदिर। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नवरात्र के चौथे दिन रविवार को मां स्कंदमाता की पूजा की गई। मंदिर पहुंचकर भक्तों ने मां स्कंदमाता की पूजा कर मंगल आरती की। एक तिथि का क्षय होने के कारण पांचवें दिन सोमवार को छठा नवरात्र पड़ रहा है। छठे नवरात्र पर मां कात्यायनी की पूजा का विधान है। मां कात्यायनी की पूजा साधक को प्रेम, विवाह संबंधी परेशानियों से दूर रखती है। वहीं जिनका विवाह नहीं हो रहा है वे मां कात्यायनी की गोधली बेला ( दोपहर और शाम के बीच का समय) पर पूजा करें तो कुंडली में योग न होने पर भी उनका विवाह हो जाता है।
बुड़िया निवासी पंडित ललित शर्मा ने बताया कि मां यह स्वरूप बहुत ही अलौकिक व मंगलकारी है। मां कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था। इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है। मां की चार भुजाएं हैं, जो खड़क और कमल पुष्प से सुशोभित हैं। इनका वाहन सिंह है। यह ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं।
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पंडित ललित ने बताया कि गोधूली वेला के समय पीले अथवा लाल वस्त्र धारण करके मां कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए। मां को पीले फूल अर्पित करें। वहीं मां को शहद अर्पित करना अति शुभ होता है। मां को सुगंधित पुष्प अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे। वहीं प्रेम संबंधी बाधाएं भी दूर होंगी। सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजन के समय मां की प्रतिमा को शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं। मां को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां को स्नान कराने के बाद पुष्प अर्पित करें। वहीं रोली, कुमकुम लगाएं। मां को पांच प्रकार के फल व मिष्ठान का भोग लगाएं। मां कात्यायनी को शहद का भोग अवश्य लगाएं। मां कात्यायनी का ध्यान करके मंत्र उच्चारण करें। इसके बाद मां की आरती करें।
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मां कात्यायनी की पूजा का महत्व
पंडित ललित शर्मा ने बातया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आ रही परेशानियां दूर हो जाती हैं। मां कात्यायनी की पूजा करने से कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है। मां को शहद का भोग लगाने से सुंदर रूप की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी की विधि- विधान से पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। शत्रुओं का भय समाप्त हो जाता है। मां कात्यायनी की कृपा से स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
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