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छछरौली से शाहपुर जाने वाले पुल निर्माण का काम लटका

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निर्माणाधीन पुल। - फोटो : Yamuna Nagar
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छछरौली। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से छछरौली से शाहपुरा मार्ग पर बनने वाले पुल का काम ठेकेदार व विभाग ने अधर में छोड़ दिया। इसके चलते दर्जनों गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बताया जा रहा है कि वन विभाग ने पुल व सड़क में आने वाली जमीन की बदले में छह एकड़ भूमि मांगी है, जिसकी पीडब्ल्यूडी विभाग तलाश कर रहा है। इंतजार के बाद ठेकेदार भी काम छोड़ कर चला गया। पुल अधर में होने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है, वहीं निर्माण में लगा करोड़ों रुपये भी धूल फांक रहे हैं। इस प्रकार विभागों के तकनीकी पेचों में यह विकास कार्य उलझ कर रह गया है।
बता दें छछरौली से शाहपुरा जाने वाली सड़क पर साल 2018 में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से काम शुरू किया गया था। इसमें पुल व करीब छह पुलिया पक्की बनकर तैयार हो चुकी हैं। वहीं करीब दो किलोमीटर तक के रास्ते पर मिट्टी भी डलवाई दी गई है, लेकिन वन विभाग ने बीच में ही काम रुकवा दिया। उसका कहना है कि पुल निर्माण से पहले विभाग उन्हें करीब छह एकड़ भूमि दी जाए। अब जब तक पीडब्ल्यूडी वन विभाग को वह जमीन नहीं उपलब्ध करवाएगा, तब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाएगा। इसे लेकर दोनों विभागों में लंबा पत्राचार भी चला, लेकिन मसला जस का तस बना हुआ है।
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नारायणगढ़ में तलाशी जा रही है जमीन
छछरौली में बनने वाले पुल के बदले अब पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़ में वन विभाग को भूमि उपलब्ध करवा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने भूमि देख ली है। भूमि विभाग के नाम जाने की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही निर्माण शुरू हो पाएगा। हालांकि इससे पहले भी पीडब्ल्यूडी विभाग छछरौली के गांव जाटांवाला में भी भूमि जमीन तलाश चुका है, लेकिन वहां कोई बात नहीं बनी। ऐसे में अब नारायणगढ़ में जमीन पीडब्ल्यूडी विभाग वन विभाग को जमीन देने की बात कह रहा है।
करीब 60 प्रतिशत हो चुका काम
जेई नरेश कुमार ने कहा कि 11 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का काम 2018 में शुरू किया गया था। जिसका लगभग 60 प्रतिशत काम हो चुका है। वन विभाग ने करीब छह एकड़ जमीन मांगी है। तलाश जारी है। ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ठेकेदार का अभी काफी काम बाकी है। जिसे वह अधूरा छोड़ कर चला गया है। ऐसे में ठेकेदार को अधूरे पड़े काम को पूरा करने के लिए कहा जाएगा। जल्द ही विभाग को भूमि उपलब्ध करवा कर निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।
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