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गवाही देने से पहले ही सुलेमान की ली जान

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Suleiman took his life even before he testified - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। नहर में डूबे सुलेमान व उसके चचेरे भाई अलाउद्दीन के परिवार के साथ आरोपियों की दो साल से रंजिश चल रही है। पांच मार्च 2020 में आरोपियों ने अलाउद्दीन के पिता इम्तियाज पर हमला किया था, जिसमें इम्तियाज की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा अस्पताल में इम्तियाज का हाल जानकर घर लौट रहे सुलेमान, उसके भाई शाहरुख पर भी आरोपियों ने रॉड व डंडों से हमला किया था। इसमें शाहरुख की दोनों टांगों व बाजुओं में फ्रैक्चर आया था और सुलेमान को भी चोट आई। दोनों मामलों में आरोपी अमित, बाबू, साहिल पंडित, धन्ना राणा, जोनी, लालू, अंकित, गौरू व दिनेश पर हत्या व मारपीट का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और मामला अदालत में चल रहा है। मामले में सुलेमान व अन्य की अदालत में गवाही होनी थी। इसे लेकर दोनों पक्षों में दो दिन पहले पंचायत भी हुई थी, जिसमें समझौते की बात चल रही थी।
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परिजनों का आरोप है कि अदालत में सुलेमान गवाही न दे सके, इसलिए आरोपियों ने उसे मारने के लिए हमला बोला।
पुलिस को दी शिकायत में शांति कॉलोनी निवासी इब्राहिम ने बताया कि उनकी कॉलोनी में ही वहीदा स्टील के नाम से लोटा बनाने की फैक्टरी है। जहां वह अपने बेटे सुलेमान व शाहरुख के साथ काम देखता है। उसके भाई इम्तियाज शेख उर्फ बबलू का शांति कॉलोनी में ही ढाबा था। पांच मार्च 2020 को उसका भाई इम्तियाज शेख अपनी पत्नी अमीना खातून के साथ ढाबे पर काम कर रहा था। रात करीब आठ बजे जगाधरी निवासी जोनी पहलवान, गोरू, बाबू, अकिंत लालू, अंकित दिनेश, अमित, धन्ना जाट, साहिल पंडित व अमित का साला व पांच-छह अन्य युवक क्रेटा कार व तीन बाइकों पर आए थे। तब आरोपियों ने उसके भाई इम्तियाज व भाभी अमीना खातून पर रॉड व बिंडो से हमला किया था। जिसमें इम्तियाज के सिर व टांगों में गंभीर चोटें लगी थी। जबकि उसकी भाभी भी घायल हुई थी। आरोप था कि तब आरोपियों ने उसके भाई से पांच हजार रुपये छीने थे, जबकि ढाबे के गल्ले से करीब 35 हजार रुपये चोरी किए थे। हमलावरों ने तब ढाबे का सामान भी तोड़ दिया था। मारपीट में घायल हुए इम्तियाज की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तब पुलिस ने मामले में जोनी पहलवान, गोरू, बाबू, अंकित, लालू, दिनेश, अमित, धन्ना जाट, साहिल पंडित को नामजद करते हुए अन्य पर केस दर्ज किया था।
इब्राहिम ने बताया कि पांच मार्च को ही उसके बेटे सुलेमान व शाहरुख पर भी आरोपियों ने हमला किया था। तब वे अपने चाचा इम्तियाज को अस्पताल में छोड़कर घर आ रहे थे। झंडा चौक पर जब उसके दोनों बेटे पहुंचे तो आरोपी जोनी, अंकित, गौरू, अमित, लालू, दिनेश, धन्ना राणा, बाबू, साहिल पंडित ने रॉड व बिंडों से उन पर हमला कर दिया था। आरोप था कि तब आरोपियों ने शाहरुख की जेब से 85 हजार रुपये की नकदी निकाल ली थी। पुलिस ने तब मामले में आरोपियों पर मारपीट का दूसरा केस दर्ज किया था। ये मामले अदालत में विचाराधीन है। मामले में बूड़िया थाने के एसएचओ लज्जाराम कहना है कि परिजनों की शिकायत पर 11 आरोपी युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें भरतू, गौरव, मनी राणा, पव्वा, आजम लुक्का, गौरव बकरेवाला, शम्मी, अमन, संदीप पंडित आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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मदद के लिए बचाओ-बचाओ करते रहे पांचों दोस्त, आरोपी मारते रहे पत्थर
नहर में डूबे साहिल, सन्नी, निखिल, अलाउद्दीन व सुलेमान के साथ नहर में नहा रहे शाहिद, शौकीन, अमन व ईशू ने बताया कि रैली से लौटकर वे सभी नहाने के लिए बुड़िया पुल पर पहुंचे थे। दीपक के पांव में चोट लगी हुई थी, इसलिए वह नहर किनारे पटरी पर खड़ी कार के पास ही बैठ गया। जबकि वे नहर किनारे कम पानी में नहाने लगे तभी बाइकों पर सवार होकर आए युवकों ने हमला बोल दिया। उनके हाथों में रॉड, डंडे, बिंडे व अन्य हथियार थे। आते ही आरोपियों ने पहले दीपक से मारपीट की। इसके बाद उन पर हमला कर दिया। वे जान बचाने के लिए नहर में कूद गए। साहिल, सन्नी, निखिल, अलाउद्दीन व सुलेमान को तैरना नहीं आता था। अधिक पानी में जाते ही वे डूबने लगे। वे बचाओ बचाओ करने लगे लेकिन हमलावर उन पर ईंट व पत्थर बरसाते रहे। जब वे पानी में डूब गए तो आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने नहीं मंगवाई किश्ती, रस्सी के सहारे तलाश में जुटे गोताखोर
नहर में पांच युवकों के डूबने की सूचना पर पुलिस, परिजन, गोताखोर राजीव व गोताखोर अमर सिंह मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने नहर में अमादलपुर तक तलाश की लेकिन नहर में डूबे पांचों युवकों में से किसी का कोई सुराग नहीं लग पाया। परिजनों ने पुलिस से नहर का पानी कम करवाने और किश्ती मंगवाने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने किश्ती नहीं मंगवाई। इब्राहिम का आरोप है कि मांग करने पर भी पुलिस ने न तो नहर का पानी कम करवाया और न ही किश्ती मंगवाई गई।

Suleiman took his life even before he testified- फोटो : Yamuna Nagar

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