यमुनानगर। जिले से 10 किलोमीटर दूर गांव पांजूपुर में 325 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाला मेडिकल कॉलेज 20 की बजाय 60 एकड़ भूमि में स्थापित होगा। इसी गांव की ही पंचायत से 40 एकड़ और भूमि अधिगृहीत की जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज का नाम सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर साहिब के नाम पर रखा गया है।
जिले के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल के लोगों को भी फायदा होगा। इसका अंतिम प्रारूप भी तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है। इसी साल इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं इसी साल ही यमुनानगर के सिविल अस्पताल में एक कमरे में युवाओं की कक्षाएं भी शुरू करने की योजना चल रही है। संवाद
दो सौ बेड का होगा और मेडिकल की पढ़ाई के लिए सौ सीटें होंगी निर्धारित
नियमानुसार मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन सिविल अस्पताल से 10 किलोमीटर के एरिया में होनी चाहिए। यह मेडिकल कॉलेज 200 बेड का होगा। इसमें मेडिकल की पढ़ाई के लिए 100 सीटें निर्धारित होंगी। ऐसे में कॉलेज के स्थापित होने से जिले के अलावा दूसरे राज्यों के युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। बता दें राज्य सरकार ने जिला यमुनानगर, कैथल तथा सिरसा में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, जिला भिवानी, जींद, महेंद्रगढ़ तथा गुरुग्राम में चार और सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाने की बात कही जा रही है। राज्य में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की सुविधा के लिए प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वेंटिलेटर की संख्या 190 से बढ़ाकर 400 कर दी जाएगी। इस सरकारी मेडिकल कॉलेज की सर्विस 2023 मिलनी शुरू हो जाएगी।
रेफर केसों की संख्या में आएगी कमी
हालांकि यमुनानगर सिविल अस्पताल में लगभग 110 करोड़ की लागत से 200 बेड का चार मंजिला नया अस्पताल का बनाया जा रहा है। लेकिन अभी भी बहुत से केसों को यहां से रेफर किया जाता है। लेकिन नया मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से रेफर करने पर बीच में दम तोड़ने वालों की संख्या में कमी आएगी। इसके अलावा मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाले युवा अपने जिले में मेडिकल की पढ़ाई कर सकेंगे। बता दें यमुनानगर सिविल अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि पहले मेडिकल कॉलेज की प्लानिंग बदलने का विचार था। लेकिन बाद में इसे गांव पांजूपुर की पंचायत से जमीन अधिगृहीत करने का फैसला लिया गया था। इसका पूरा डायग्राम बनाकर भी सरकार को भेजा जा चुका है।
गांव पांजूपुर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करने की तैयारी हो रही है। मास्टर प्लान के मुताबिक सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसी साल ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। अगले साल 2023 में सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। राज्य सरकार बिना भेदभाव के जनता के लिए काम कर रही है। हम और भी बेहतर सेवाएं जनता को समर्पित करेंगे।
-घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक, यमुनानगर।