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अभिभावक कर रहे दाखिले की रिक्वेस्ट, स्कूलों ने 480 बच्चों को किया रिजेक्ट

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यमुनानगर। 134 ए के तहत निजी स्कूल अभिभावकों को चक्कर कटवाने के बाद बच्चों को दाखिला देना शुरू कर दिए हैं। हालांकि पहले जो स्कूल दाखिला देने से साफ इंकार कर रहे थे अब उन्होंने छात्रों के दस्तावेजों में कोई न कोई कमी निकालनी शुरू कर दी है। स्कूलों ने ऐसे 480 बच्चों को रिजेक्ट की श्रेणी में डाल दिया है। इस दौरान स्कूल संचालक दाखिला रिजेक्ट क्यों किया गया। इस बावत बता नहीं रहे हैं। इससे परेशान अभिभावक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के आगे पीछे चक्कर काटने को विवश हैं।
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उल्लेखनीय है कि 134 ए के तहत होने वाले दाखिलों को लेकर प्रशासन की सख्ती के बाद स्कूल संचालकों ने दाखिला देना शुरू किया है। अभिभावकों का कहना है कि दस्तावेज में कमी निकाल कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिससे साफ है कि निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू हैं। एक सप्ताह पहले रिजेक्ट होने वाले छात्रों की संख्या महज 147 थी, रविवार तक यह आंकड़ा 480 पर पहुंच गया।
गत वर्ष 134ए के तहत होने वाले दाखिलों के लिए जिले के 2668 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। उन्होंने पांच दिसंबर को विभाग द्वारा आयोजित असेसमेंट टेस्ट दिया था। इसमें से पहले राउंड में 2046 बच्चों को स्कूल अॅलाट किए गए हैं। दो बार तारीख को आगे बढ़ाने के बाद भी अब तक केवल 1063 ही दाखिले निजी स्कूलों ने किए हैं। 503 बच्चे जहां दाखिले से वंचित हैं, वही 480 को फिलहाल रिजेक्ट की श्रेणी में रखा गया है।
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चार स्कूलों को जारी हो चुका नोटिस
शहर के चार निजी स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने 134ए के तहत अब तक एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। इन स्कूलों को शिक्षा विभाग नोटिस जारी करते हुए शिक्षा निदेशालय से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुका है। हालांकि कार्रवाई विभाग की तरफ से ही की जानी है। जो स्कूल बच्चों को दाखिला देने से मना कर रहे हैं उनमें ज्यादातर ऐसे हैं जो अपनी एसोसिएशन में अच्छे पदों पर हैं।
रिजेक्ट करने का कारण पूछा है: पिरथी सैनी
उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पिरथी सैनी ने बताया कि स्कूलों ने कई बच्चों को रिजेक्ट किया है। इसके पीछे उनके अभिभावकों की आयु का अधिक होना है या फिर कोई और कारण है इस बारे में जानकारी ली जा रही है। सभी निजी स्कूलों को प्रत्येक बच्चे को दाखिला देना जरूरी है।
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