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राजकीय स्कूलों में प्रदेश के सेवानिवृत्त गुरूजी देंगे सेवा

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यमुनानगर। सुगम शिक्षा योजना के तहत अब राजकीय स्कूलों में प्रदेश के ही सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकेंगी। सरकार ने सुगम शिक्षा योजना में दूसरे राज्यों के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने के निर्णय पर रोक लगा दी है। सरकार की ओर से पहले दूसरे राज्यों के शिक्षकों की सेवाएं लेने के नियम रखे थे। जिसका प्रदेश के शिक्षकों ने विरोध किया था। जिसके बाद अब प्रदेश सरकार ने इस पर रोक लगा दी और प्रदेश के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए निदेशालय की ओर से पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। सरकार सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेकर स्कूलों के रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रही है। जबकि अध्यापक संघ ने इस पर ऐतराज जताया है।
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सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों को सिर्फ प्रदेश के सेवानिवृत्त शिक्षकों के माध्यम से ही भरा जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने पूर्व में जारी पत्र वापस ले लिया है। वहीं शिक्षकों के आवेदन के लिए शुरू किया पोर्टल भी बंद कर दिया है। जारी आदेशों के अनुसार राजकीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षकों के अलावा प्रदेश के राजकीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त अतिथि अध्यापक व एडिड स्कूलों से सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। इससे पहले विभाग ने पड़ोसी राज्यों के राजकीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने के बारे भी निर्णय लिया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है।
यहां पर खाली इतने पद
जिले के स्कूलों में विभिन्न विषयों के कुल 553 अध्यापकों की कमी है। जिले में कुल 295 कला अध्यापकों की आवश्यकता है। जबकि 91 ही कार्यरत हैं और 204 शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं डीपीई, पीएचई के 341 में कुल 91 शिक्षक हैं और 250 पद रिक्त हैं। वहीं हिंदी के लिए 139 में से 97 शिक्षक ही कार्यरत हैं। जिले में हिंदी के कुल 42 अध्यापकों की जरूरत है। गणित के 52 अध्यापकों की कमी है। 188 स्वीकृत पदों में से कुल 136 ही भरे हैं। गृह विज्ञान के तीन अध्यापकों की आवश्यकता है। जबकि संगीत के दो स्वीकृत अध्यापकों में से एक ही है।
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युवाओं को दिया जाए अवसर
सरकार की इस योजना का अध्यापक शुरुआत से ही विरोध कर रहे हैं। अध्यापकों का कहना है कि सरकार ऐसी योजनाएं लाकर विद्यार्थियों व युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रही है। राजकीय अध्यापक संघ के नेता महेंद्र सिंह कलेर ने बताया कि सरकार रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को रख रही है। जबकि सरकार को युवाओं को मौका देना चाहिए। हजारों युवा डिग्री, डिप्लोमा करके पात्रता परीक्षा देने के बाद भी खाली हैं। सरकार को इनकी नियमित भर्ती करनी चाहिए। जब तक नियमित भर्ती नहीं की जाती, प्रदेश के ही सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड अध्यापकों को केवल भर्ती तक ही रखा जाना चाहिए।
सुगम शिक्षा योजना के तहत पड़ोसी राज्यों के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने के आदेशों पर रोक लगा दी है। वहीं इसके लिए शुरू किया गया पोर्टल भी बंद कर दिया गया है। प्रदेश के सेवानिवृत्त शिक्षकों को ही यह मौका दिया जाएगा। जिसके लिए आवेदन संबंधी आदेश अभी नहीं आए हैं।
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- प्रेम सिंह पुनिया, जिला शिक्षा अधिकारी।
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