भारतीय मजदूर संघ व भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन ने निजीकरण के विरोध में जगाधरी रेलवे वर्कशॉप गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे के निजीकरण, निगमीकरण सहित सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों का बेचे के निर्णय का विरोध किया।
महेंद्र सिंह चौहान, श्याम लाल, रणधीर कुमार, सुशील कुमार, अभिनीत मिश्रा ने कहा कि सभी नागरिकों, सरकारी, अर्ध सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में कार्य करने वालों को निजीकरण के पीछे की इस सोच को समझना होगा। सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में सामाजिक अलगाव बढ़ रहा है। पूंजीपतियों व आम लोगों के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। सरकार की नीतियों के कारण देश के अधिकांश कामगार वर्ग के पास अपने लिए आय का कोई सुनिश्चित साधन नहीं होगा। वह पूरी तरह नियोक्ता के रहम पर होंगे। न कोई श्रम कानून होगा न कोई सुविधाएं दी जाएगी। निजी क्षेत्र कामगारों के शोषण होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेल मजदूर संघ, उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन सरकार की नीतियों का सरकार का निर्णय पलटने तक विरोध करते रहेंगे। इस मौके पर दिलीप कुमार, अमित कुमार, महेंद्र यादव, सुरेंद्र राणा, राम कुमार बिरला, सुरेंद्र कांबोज, जगदीश कुमार, गोपाल कुमार, आसिम, राजेंद्र कुमार, राकेश ठाकुर, प्रकाश, दुर्गेश चौहान, सुशील तिवारी उपस्थित रहे।