फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहरीली शराब प्रकरण: यमुनानगर में बसपा ने निकाला रोष मार्च, 11 जोन के ठेकों की दोबारा नीलामी की तैयारी

Fri, 17 Nov 2023 04:38 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

डीसी कैप्टन मनोज कुमार का कहना है कि शराब पीने से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को कुछ मदद मिल सके इसके लिए सरकार से पत्राचार किया जाएगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सरकार द्वारा इस बारे में समय-समय पर जानकारी भी ली जा रही है।
विज्ञापन
शराब मामले में बसपा का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जहरीली शराब से हो रही मौत के बाद शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी शुक्रवार को सड़क पर उतरी। बसपा नेताओं ने जगाधरी में रक्षक विहार नाका से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। लघु सचिवालय में बसपा नेताओं ने एडीसी को ज्ञापन सौंपा। पुलिस द्वारा रोक लिए जाने के कारण बसपा नेताओं की पुलिस से कहासुनी भी हो गई।

विज्ञापन


वहीं, फूंसगढ़ गांव के रकबा में नेशनल हाईवे किनारे स्थित जिस ठेके से खुर्दों को जहरीली शराब सप्लाई की जा रही थी उसके बंद होने से आबकारी विभाग को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। जिस दिन जिले में जहरीली शराब से लोगों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था, तभी से ठेका बंद है। इस ठेके का लाइसेंस धारक महेंद्र सिंह फिलहाल जेल में है।

महेंद्र सिंह ने 11 जोन में ठेके ले रखे हैं। जिनसे हर माह विभाग को पौने दो से दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में विभाग की फीस कौन अदा करेगा इसे लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसके लिए आबकारी विभाग मुख्यालय में पत्र लिख कर मार्गदर्शन मांगा है। ऐसे में विभाग 11 जोन में चल रहे सभी ठेकों की दोबारा नीलामी करवा सकता है।
विज्ञापन


11 जोन के सभी ठेके महेंद्र सिंह के नाम पर अलॉट हो रखे हैं। इनमें से कुछ ठेके शहरी व कुछ ग्रामीण क्षेत्र में है। हालांकि कांग्रेस से निष्कासित प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मांगे राम मारूपुर, एक प्रमुख दल के हल्का अध्यक्ष का बेटा गौरव बुबका, टिंकू व अमरनाथ इन ठेकों हिस्सा था। महेंद्र सिंह के नाम पर लाइसेंस केवल दिखावे के लिए लिया हुआ था। शराब के लेन-देन व बिक्री का सारा हिसाब उक्त चारों आरोपी ही रखते थे। महेंद्र सिंह, गौरव बुबका व मांगे राम मारूपुर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। शराब बिक्री के बाद हर माह ठेकेदार को आबकारी विभाग की फीस अदा करनी होती है। लाइसेंस धारक के जेल में होने के कारण विभाग को राजस्व के नुकसान की आशंका है।

मुआवजे के लिए सरकार से करेंगे पत्राचार: डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार का कहना है कि शराब पीने से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को कुछ मदद मिल सके इसके लिए सरकार से पत्राचार किया जाएगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सरकार द्वारा इस बारे में समय-समय पर जानकारी भी ली जा रही है। जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। जो लोग फरार हैं उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह गांवों या अन्य जगह पर अवैध रूप से बिक रही शराब का सेवन न करें। यदि कोई अवैध रूप से शराब बेच भी रहा है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें।

जहरीली शराब से जा चुकी है 20 लोगों की जान
आठ नवंबर को यमुनानगर के मडेबरी गांव में जहरीली शराब पीने से एक ही दिन मे छह लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से पांच लोगों का बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शराब के कारण मंडेबरी, पंजेटो का माजरा, फूंसगढ़, सारन गांव में शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोगों की संदिग्ध मौत हुई है। जिनकी पुष्टि अभी प्रशासन नहीं कर रहा है। वहीं दो लोगों की मौत अंबाला में हुई है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीर माजरी के रॉकी को शराब गिरफ्तार किया था। मंडेबरी में मरने वालों ने रॉकी से ही शराब खरीद कर पी थी। रॉकी ने पुलिस को बताया था कि वह फूंसगढ़ ठेके से शराब लाकर गांवों में बेचता था। जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को पकड़ा था। तब खुलासा हुआ था कि ठेके पर शराब अंबाला के मुलाना के बिंजलपुर गांव में चल रही जहरीली शराब बनाने की फैक्टरी से शराब लाकर बेची जाती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें