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बर्खास्त अध्यापक व पुलिसकर्मियों पर की कार्रवाई हो रद्द: सर्व कर्मचारी संघ

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एसपी को ज्ञापन सौंपते विभिन्न कर्मचारी व किसान संगठनों के सदस्य। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। बर्खास्त पीटीआई, कला अध्यापकों और पुलिस कर्मचारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में सोमवार को विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। अनाजमंडी की बैठक में सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ व संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने भाग लिया। संयुक्त बैठक की अध्यक्षता किसान नेता धर्मपाल चौहान ने की। बैठक के बाद सभी संगठनों के पदाधिकारियों का शिष्टमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला और ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें 11 जनवरी को जिला प्रशासन की कार्रवाई के बारे में रोष प्रकट किया गया।
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ज्ञापन में कहा गया कि बर्खास्त पीटीआई और कला अध्यापकों द्वारा शिक्षा मंत्री कंवरपाल के निवास स्थान पर प्रभातफेरी निकालने की घटना को प्रशासन ने आपराधिक गतिविधि माना है, जबकि अध्यापकों का उद्देश्य केवल अपनी मांग की ओर ध्यान आकर्षित करना था। अध्यापक डेढ़ साल से शांतिपूर्वक जिला मुख्यालयों पर धरना दे रहे हैं। कई बार ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बड़ौदा उप चुनाव के दौरान आश्वासन दिया गया था कि उनका चूल्हा बुझने नहीं दिया जाएगा, लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। मजबूर होकर कोरोना संक्रमण के संकट दौर में अध्यापकों को यहां आना पड़ा। इस दौरान 20 अध्यापकों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के घर जाकर अपनी पीड़ा बताना अपराध नहीं है। कर्मचारी व किसान नेताओं ने कहा कि अध्यापकों पर दर्ज सभी केस रद्द किए जाएं। वहीं इस दौरान पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भी गलत है। जब अपराध ही नहीं हुआ तो लापरवाही में कार्रवाई भी नहीं हो सकती। प्रतिनिधियों ने एसपी से मामले में की गई कार्रवाई व दर्ज केस रद्द करने की मांग की। शिष्टमंडल में रिटायर्ड संघ राज्य प्रधान जरनैल सिंह सांगवान, जिला प्रधान सोमनाथ, जिला सचिव जोत सिंह, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सौढे, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, कोषाध्यक्ष सतीश राणा, सीटू जिला प्रधान मतलूब हुसैन, कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, किसान नेता एडवोकेट हरभजन सिंह संधू, अजमेर सिंह, एडवोकेट धर्मपाल चौहान उपस्थित रहे। विदित हो कि मामले में 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही प्रदर्शनकारी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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