संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कृषि कानूनों के रद्द किए जाने और किसानों के घर वापसी पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी रविवार को जिले के किसानों का धन्यवाद करने पहुंचे। उन्होंने गांव सुढ़ल, कड़कौली और बलाचौर में किसानों को आंदोलन सफल बनाने और समर्थन देने पर धन्यवाद किया। चढूनी ने कहा कि आंदोलन को विराम दिया गया है, यह अभी खत्म नहीं हुआ। किसान और देशहित में आंदोलन दोबारा भी शुरू किया जा सकता है।
चढूनी ने कहा कि सरकार की कथनी करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। कल जब गुजरात में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कह दिया है कि कुछ लोगों के न समझने के कारण हम पीछे हटे हैं। हम फिर आगे बढ़कर कृषि कानून लाएंगे। इससे यह साफ जाहिर होता है कि देश के किसानों ने जिसे अपना वोट देकर सत्ता में पहुंचाया है और वे अपनी बात पर पीछे हटते हैं।
उन्होंने किसानों से कहा कि हमें भविष्य में भी किसी भी शोषण के विरुद्ध आवाज एकजुट होकर उठानी है और इसी तरह एकता दिखानी होगी। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कहा कि यह भाजपा सरकार की नाकामी है। भाजपा का देशसेवा से कोई सरोकार नहीं है वे तो सिर्फ पूंजीपतियों की सेवा कर रहे हैं। सरकार सिर्फ समाज बांटने और पूंजीपतियों की सेवा में लगी है।
पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पंजाब में हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलेगी और चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएगी। वहीं उन्होंने अतिथि अध्यापकों के धरने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि समय के अभाव के कारण वे जा नहीं सकते, लेकिन जिला पदाधिकारी पहुंचकर समर्थन देंगे। इस दौरान गांव बलाचौर के गुरुद्वारा में गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेश महासचिव हरपाल सुढल, जिला प्रधान संजू गुंदियाना, निदेशक मंदिप रोड छप्पर को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
कड़कौली में किया किसानों का धन्यवाद
प्रतापनगर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने गांव कड़कौली में कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों व लोगों को संबोधित किया। चढूनी दोपहर को गांव कड़कौली पहुंचे। यहां पर किसानों व लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्हें सम्मान का प्रतीक सिरोपा भेंट किया गया।
चढूनी ने कहा कि यह किसानों के कड़े संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार मजदूरों और कमेरों का काम छीनकर पूंजीपतियों के हाथ में सौंप रही है। आने वाले समय में कारपोरेट घरानों की सरकार होगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि कहा कि ऐसे लोगों को सत्ता में बैठने का अधिकार नहीं है। चढूनी अपने परिवार सहित पांवटा साहिब गुरुद्वारा में माथा टेककर कड़कौली गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने किसान आंदोलन में जान गवांने वाले किसानों को नमन किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना, खंड अध्यक्ष सुभाष सुढ़ल, निदेशक मंदीप रोड़छप्पर, गुरवीर, संदीप टोपरा, जगतार सिंह, गुरमेज, होशियार सिंह, कश्मीरी लाल, कृष्णपाल, सोहल, यशपाल वालिया, सोहल सिंह, हरविंद्र सिंह, निखिल, जगतार, जसबीर सिंह व अन्य उपस्थित रहे।