संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहीदी दिवस पर आंतरिक सुरक्षा के दौरान शहीद हुए जवानों की स्मृति में हर वर्ष कार्यक्रम किया जाता है। गांव सारण में रविवार को कार्यक्रम किया गया। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के अधिकारियों ने शहीद मुख्य सिपाही पवन कुमार के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
पवन कुमार गांव सारण के रहने वाले थे। 1992 में भारत तिब्बत सीमा पुलिस में सिपाही भर्ती हुए थे। पवन कुमार भालू पौंग अरुणाचल प्रदेश में गार्ड कमांडर की ड्यूटी पर थे। ड्यूटी के दौरान उन्हें हाथी ने पकड़ लिया था और वह घायल हो गए। इसके बाद वे वीर गति को प्राप्त हुए थे। सब इंस्पेक्टर रूपचंद ने कहा कि कि जिस प्रकार हमारे जवान देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान करता है, तो पूरा राष्ट्र उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता है।
इस दिन अर्ध सैनिक बल के शहीद हुए जवानों को उनके राष्ट्र निर्माण के कार्यों को याद किया जाता है। इनके कारण ही हमारे राष्ट्र का नाम देश में ही नहीं पूरे विश्व में सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बल में आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। इन अमर जवानों के ह्रदय से हम ऋणी है और हम ईश्वर से प्रार्थना करते है कि परिवार को हुई इस क्षति से उभरने की शक्ति प्रदान करें।
समाजसेवी दीपक राणा ने बताया कि हमें शहीद जवानों को याद ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। इस दौरान हेड कांस्टेबल दयाराम, हेड कांस्टेबल गुरिंद्रपाल, पूर्व सरपंच कोमल राणा, अंकुश, अंकिता, नरेंद्र कुमार, राजेश शर्मा, महेश कुमार, प्रदीप कुमार, अलका सैनी आदि उपस्थित रहे।