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बेमौसम की बारिश, ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर में धान बर्बाद

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पुराना हमीदा में बारिश के दौरान ओले एकत्र करने का प्रयास करती बच्ची। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। दो दिन के बाद रविवार को फिर हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के आंसू निकाल दिए। दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से मौसम ने करवट ले ली। शहर सहित छछरौली, प्रतापनगर, बुडिया, शादीपुर इत्यादि क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं मंडियों में हजारों बोरी धान भीग गया।
बारिश से करवाचौथ पर्व का मजा फीका हो गया। देर रात तक खुलने वाले बाजार शाम को जल्द बंद हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हुई। मंडी में धान लेकर आए किसानों को फसल बचाने के बंदोबस्त करने पड़े। दोपहर करीब दो बजे बादल छाने लगे। देखते ही देखते सवा दो बजे बूंदाबांदी के साथ ही तेज बारिश होने लगी। चंद मिनटों में बारिश काफी तेज हो गई। करीब पौना घंटे की बारिश के बाद ओले पड़ने लगे।
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अचानक आई बारिश से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दो घंटे की बारिश से शहर की कई कॉलोनियों में पानी भर गया। लाजपतनगर, कांसापुर, बस स्टैंड, दशमेश कॉलोनी में पानी भरने से दिक्कत हुई। इस दौरान शहर सहित छछरौली, प्रतापनगर में ज्यादा बारिश हुई। रादौर, बिलासपुर, साढौरा में कम बारिश हुई। रविवार को जिले में औसतन दस मिली बारिश हुई। शहर, प्रतापनगर व छछरौली में 20 मिली से ज्यादा बारिश हुई। वहीं ओलावृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन पर सफेद चादर बिछ गई।
इस समय धान कटाई का सीजन पीक पर है। जिले में करीब 75 फीसदी कटाई हो चुकी है। अभी भी करीब 17 हजार हेक्टेयर में धान की फसल खड़ी है। किसान कटाई में व्यस्त हैं। बारिश से कई जगह फसल खेत में ही बिछ गई है। वहीं बारिश से कटाई भी विलंब हो गया है।
वही धान कटाई के बाद किसान रबी फसल की बुआई की तैयारी में लगे हुए थे। इन दिनों आलू, सरसों, गन्ना सहित अन्य रबी फसलों की बुआई होनी है। वहीं गेहूं की बुआई का समय भी यही है। बारिश के कारण इसमें देरी होगी।
जिले के तीन खंडों में ज्यादा बारिश हुई है। वहीं इन्हीं खंडों में ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि और बारिश का फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा। जिले में 17 हजार हेक्टेयर में धान खड़ी है। नुकसान के लिए गिरदावरी करवाई जाएगी।
डॉ. जसविंद्र सैनी, कृषि उपनिदेशक।
प्रतापनगर में बारिश, ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
प्रतापनगर। बारिश और ओलावृष्टि ने धान की खड़ी फसल बर्बाद कर दिया है। लोगों ने बारिश के साथ ओलावृष्टि की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाली। वहीं बारिश से धान की फसल के साथ अन्य फसलें भी खराब होने की आशंका भी जताई जा रही है। बारिश से ठंडक भी बढ़ गई है। किसान रामपाल, सुरेंद्र, विकास ने बताया कि अचानक बारिश से खेतों में पड़ी व खड़ी फसल के खराब होने का अंदेशा बन गया है। किसानों ने कहा कि अब फिर बारिश होती है तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। संवाद
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छछरौली में जलमग्न हुई धान की फसल
छछरौली। अचानक हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हो गया है। बरसात से खेत में पानी भर गया, जिसकी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई। किसान देवेंद्र सिंह, सतपाल, जय कुमार, राजेश धर्मवीर आदि ने बताया कि किसान खेतों से धान की फसल उठाने में लगे हुए थे। कई जगह धान की फसल कटी पड़ी थी तो कई जगह किसान मंडी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक हुई बारिश से सारा धान भीग चुका है और जो धान खेतों में पड़ा हुआ है, उसमें पानी भर गया है। क्षेत्र में ओलावृष्टि इतनी अधिक हुई है कि जमीन पर सफेद चादर बिछ गई है। ओलावृष्टि की फोटो वीडियो लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

प्रतापनगर में ओलावृष्टि के दौरान सफेद हुई जमीन। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar

छछरौली अनाजमंडी में बारिश में भीगी धान की बोरियां। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

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