जगाधरी में जून 2016 से अब तक तैनात रहे सभी अधिकारी जांच के दायरे में
बिलासपुर के एक्सईएन को रिमांड पर लेकर पानीपत सीआईए-टू कर रही है पूछताछ
फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने साधी चुप्पी, करोड़ों का हो सकता है फर्जीवाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली निगम में सेवानिवृत कर्मचारियों के फंड में जिस हेराफेरी का खुलासा हुआ है, उसकी आंच कई अन्य अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है। खासतौर से फर्जीवाड़े के दौरान डिवीजन में तैनात रहे अफसर जांच के दायरे में हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करेगी। आशंका जताई जा रही है कि बिजली निगम का यह फर्जीवाड़ा करोड़ों का हो सकता है। विदित हो कि इसकी जांच पानीपत सीआईए-टू के अलावा यमुनानगर और जगाधरी की पुलिस कर रही है।
बिजली निगम में सेवानिवृत्त कर्मियों के भुगतान में हुए फर्जीवाड़े के मामले में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। निगम के जगाधरी डिवीजन में 25 लाख रुपये के चार फर्जी वाउचर काटे गए। चारों वाउचर जून से अगस्त 2016 तक काटे गए। जिससे साफ है कि फंड में गबन का खेल छह साल से चल रहा था। ऐसे में इस दौरान तैनात रहे एक्सईएन भी संदेह के घेरे में हैं, जो वर्ष 2016 से जगाधरी डिवीजन में कार्यरत रहे। तब से अब तक कई एक्सईएन बदल चुके हैं। वहीं बिलासपुर डिवीजन में हुए गबन के मामले में एक्सईएन नीरज कांबोज को रिमांड पर लेकर पानीपत सीआईए-टू पूछताछ कर रही है, जिससे अहम खुलासे हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने केस दर्ज किया
बिजली निगम जगाधरी डिवीजन के एक्सईएन भूपेंद्र सिंह द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने सोमवार को आरोपी एलडीसी राघव वंधावन और अकाउंटेंट योगेश लांबा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। भूपेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा कि बिजली डिवीजन में सेवानिवृत कर्मचारियों के फंड का दुरुपयोग हुआ है। इसी तरह उन्होंने अपने कार्यालय के रिकार्ड की जांच कराई तो 25 लाख रुपये से अधिक की रकम में हेराफेरी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने 16 जून 2016 को गुलजार सिंह के नाम से 364551 रुपये, 12 अगस्त 2016 को 335428 रुपये व 31 अगस्त 2016 को 868282 रुपये के तीन चेक काटे। इसके बाद 29 अगस्त 2016 को 938622 रुपये का चेक कंवलजीत कौर के नाम से काटा गया।
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27 अगस्त को हुआ था बिलासपुर डिवीजन का शुभारंभ, नीरज बने थे पहले एक्सईएन
गत 27 अगस्त को ही बिलासपुर डिवीजन का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले एक्सईएन नीरज कांबोज ही बने थे। नीरज कांबोज के साथ अन्य कर्मचारियों ने हवन कर कार्यालय का शुभारंभ किया था। छह माह भी ठीक से नहीं बीते और एक्सईएन कार्यालय विवादों में घिर गया। उसी दौरान ही आरोपी एलडीसी राघव वंधावन और अकाउंटेंट योगेश लांबा जगाधरी से बिलासपुर डिवीजन में ट्रांसफर हुए थे। योगेश लांबा व नीरज कांबोज को पानीपत की सीआईए-टू ने कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर ले रखा है। सोमवार को उनके रिमांड का तीसरा दिन रहा। बताया जा रहा है कि रिमांड पर पूछताछ के बाद पुलिस मामले का खुलासा करेगी।
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स्पेशल ऑडिट कराने को लिखा है : राजिंद्र कुमार
बिजली निगम के एसई राजिंद्र कुमार का कहना है कि जगाधरी व बिलासपुर डिवीजन का स्पेशल ऑडिट कराने के लिए उन्होंने मुख्यालय को पत्र लिखा है। ऑडिट में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।