संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का पांच मंजिला भवन 105 करोड़ रुपये से बनाया गया है। इसके बावजूद अस्पताल में तीन साल से फिजिशियन नहीं है। अन्य डॉक्टरों व स्टाफ की भी बहुत ज्यादा कमी है। इससे मरीज जिला नागरिक अस्पताल से दूर होते जा रहे हैं।
फिजिशियन व अन्य डॉक्टर न होन से मरीज सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। गत 12 दिनों की ओपीडी जिला नागरिक अस्पताल से ज्यादा सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी की है। आंकड़ों के अनुसार 21 दिसंबर से दो जनवरी तक सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में 5180 मरीज दवा लेने पहुंचे। इसी दौरान मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल से 4770 मरीजों ने दवा ली।
जगाधरी अस्पताल केवल एक मंजिला है। इसका भवन भी काफी पुराना है। इसके बावजूद अस्पताल में सुबह से दोपहर तक दवाई लेने के लिए मरीजों का तांता लगा रहता है। वहीं इसके विपरीत पौने दो साल पहले ही जिला नागरिक अस्पताल को 100 बेड से 200 बेड का बनाया गया है। पांच मंजिला भवन पर सरकार ने 105 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यहां पर डॉक्टरों के 63 में से 22 पद खाली पड़े हैं।
यमुनानगर से जगाधरी रेफर की जा रहीं गर्भवती
जिला नागरिक अस्पताल में एक गायनी तक नहीं है। यहां अस्पताल का स्टाफ व एमबीबीएस डॉक्टर ही गर्भवतियों की डिलीवरी करवा रहे हैं। यदि किसी की डिलीवरी सिजेरियन होनी है तो उसे यमुनानगर से सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में रेफर कर दिया जाता है। न केवल ओपीडी बल्कि डिलीवरी के मामले में भी जगाधरी अस्पताल ने यमुनानगर को पीछे छोड़ दिया है। जगाधरी अस्पताल में दिसंबर में 550 से ज्यादा डिलीवरी हुई। वहीं जिला अस्पताल में डिलीवरी का आंकड़ा 100 को भी नहीं छू सका।
हर सुविधा देने का प्रयास ः डॉ. अनुज
बस डिवीजन अस्पताल जगाधरी के एमएस डॉ. अनुज मंगला का कहना है कि जब से जगाधरी अस्पताल में मरीजों को जरूरी सुविधाएं मिलने लगी हैं तब से लोगों का विश्वास बढ़ा है। 12 दिनों में 5180 नए मरीजों की ओपीडी हुई है।