संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। नौशहरा मोड़ से पशु अस्पताल होकर श्मशान घाट जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। इस सड़क से गुजरने वाले ओवरलोड डंपरों के कारण एक किमी से भी कम लंबाई की यह सड़क इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है कि यहां से डंपरों के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही बहुत मुश्किल हो गई है।
सड़क में गहरे गड्ढे होने से चार पहिया या दो पहिया वाहनों का तो क्या पैदल चलने वालों के लिए भी यहां से निकलना दुश्वार हो गया है। नौशहरा मोड के पास रणजीतपुर जाने वाली सड़क का आधा से अधिक हिस्सा गायब हो गया है। इससे यह जगह किसी गोहर की तरह नजर आती है। यहां से मुड़ते ही गहरा गड्ढा आपकी ड्राइविंग स्किल का टेस्ट लेता है।
इससे पार होने के बाद श्मशान घाट के मोड तक सड़क में मौजूद गहरे गड्ढों से होकर गुजरना वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पार्षद नैब सैनी, कुलविंद्र सिंह चड्ढा व शिवराम सैनी ने बताया कि यह रास्ता गुरुद्वारा ड्योढ़ी साहब को जाने के अलावा कस्बा के बाइपास का काम करता है। लेकिन इस सडक़ से सारा दिन मिट्टी ढोने वाले डंपरों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। ओवरलोड डंपरों से गुजरने के कारण जाम लगने के अलावा हादसे हो रहे हैं।
डंपरों की आवाजाही से परेशान मोहल्लावासियों ने 26 दिसंबर को जाम लगाकर आवाजाही रोक दी थी। पार्षद नैब सैनी ने बताया कि तब मौके पर पहुंचे एसएचओ ने वाहनों के ओवरलोड होने की जांच करवाने के अलावा तेज गति से चलाए जाने पर रोक लगाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक इस बारे में कोई प्रगति न होने से मोहल्ला वासियों में रोष है।
प्रवीण सैनी, हरपिंद्र सिंह चीमा, प्रकाश व रामकुमार सैनी ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के दबाव के कारण उनके मकानों की दीवारों में दरारें आ गई है। वहीं शिवकुमार सैनी ने बताया कि उसकी दुकान की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। इन दीवारों की वजह से कभी भी उनके मकान या दुकानें ढह सकती हैं। इसके बावजूद प्रशासन ओवरलोड वाहनों की आवाजाही रोक नहीं पा रहा है।