संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों की कमी और बसें न रुकने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी बसों की कमी और निर्धारित स्टॉप पर बसों के न रुकने से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है, क्योंकि समय पर कक्षाओं में न पहुंच पाने के कारण विद्यार्थी पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पा रहा।
औरंगाबाद से यमुनानगर जाने वाले विद्यार्थी रोहित और निखिल ने बताया कि सुबह का समय सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कई बार बसें ओवरलोड होकर आती हैं और ड्राइवर छात्रों को देखकर भी बस को रोकते नहीं। कई छात्र बस स्टॉप पर खड़े रह जाते हैं और अगली बस का इंतजार करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इससे वे 30 मिनट से एक घंटा देरी से संस्थानों में पहुंचते हैं, जिससे उनकी नियमित कक्षाएं छूट जाती हैं। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि अलग-अलग रूटों की बसें या तो कम चल रही हैं या अनियमित समय पर आती हैं, जिससे उन पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। दोपहर के समय स्कूल-कॉलेज से छुट्टी के बाद घर लौटने वाले विद्यार्थियों को बस न मिल पाने के कारण सड़क किनारे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार भीड़ ज्यादा होने पर बसें रुकती ही नहीं, जिससे छात्रों को मजबूरी में पैदल दूरी तय करनी पड़ती है या ऊंचा किराया देकर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।