माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर । सावन के महीने में शिवभक्त जहां हरिद्वार से कांवड़ यात्रा लाकर भगवान शिव को प्रसन्न करके मनोकामना करते हैं। इस बार सावन में आंदोलनरत किसानों ने केंद्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए किसान कांवड़ यात्रा शुरू की है। जिले के किसानों ने अपने खेत की मिट्टी और ट्यूबवेल का पानी लेकर गए।
पानी और मिट्टी सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर रखा जाएगा। किसान नंगे पैर करीब 150 किमी का सफर तीन से चार दिन में पूरा करेंगे और संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से लगाएं गए शिविर में जलपाल और ठहराव करेंगे। बुधवार को जिले के गांव टोपरा कलां से किसानों का जत्था दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। किसान मुकेश टोपरा, सतिंदर, बिल्लू नेहरा, रमेश, मोहित, संजू नेहरा, लाभ सिंह, मोहित, रोबिन, विकास, मुगल नंबरदार अपने साथियों के साथ किसान कावड़ उठाई है। किसानों के जत्थे को भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने हरी झंडी दिखाई।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर सावन के महीने में शिवभक्त हरिद्वार से शिव कावड़ लेकर आते हैं, लेकिन अबकी बार किसान आंदोलन की कामयाबी को लेकर किसान कावड़ लेकर दिल्ली किसान मोर्चा की ओर कूच कर रहे हैं। आज किसानों के देवता और मंदिर स्थल सब सिंघु बॉर्डर पर हैं। गांव की मिट्टी व पानी को सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर सरदार गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कांवड लेकर जाने का मकसद सरकार को सद्बुद्धि देना है। ताकि केंद्र सरकार किसान हित में तीन कृषि कानूनों को वापस लें। उन्होंने बताया कि सरकार को हर हाल में देश के अन्नदाता किसानों के आगे झुकना पड़ेगा। किसानों ने आर पार की लड़ाई का फैसला कर रखा है और बिना कृषि कानून वापस करवाएं दिल्ली बॉर्डर से घर लौटने वाले नहीं है।