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कपालमोचन मेला ः पहनना होगा मास्क, सैनिटाइजर रखना होगा साथ

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। बेशक कोरोना कम संक्रमण हो गया है, किंतु भीड़ को देखते हुए राज्यस्तरीय कपालमोचन मेले में दाखिल होने के लिए मास्क पहनने के साथ सैनिटाइजर साथ रखना होगा। इसके बिना मेले में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। मेला प्रशासन ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है। नियम का पालन न करने वाले के मौके पर ही चालान किए जाएंगे इसके लिए वालंटियर नियुक्त किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सभी मुख्य नाकों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीमों का गठन कर वैक्सीन कैंप लगाया जाएगा।
मेला प्रशासक एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने बताया कि ड्यूटी पर लगे सभी कर्मचारी मास्क पहन कर रखेंगे। मेले में ड्यूटी के लिए कर्मचारियों को 14 नवंबर को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है सभी कर्मचारी 15 नवंबर से बीस नवंबर तक मेले में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में होगी। इस बार कपालमोचन मेले में आठ लाख श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। इनकी देखरेख के लिए लगभग 300 कर्मचारियों को लगाया जाएगा।
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इसके अलावा मेला में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम व भंडारे व समागम के आयोजन के लिए आयोजकों को उपायुक्त से अनुमति लेगी होगी। हाल में कार्यक्रम के आयोजन के लिए 200 और खुले क्षेत्र में कार्यक्रम के लिए 500 लोगों की संख्या तय की गई है। कपालमोचन, ऋणमोचन व सूरजकुंड सरोवर में स्नान के समय एक एक साथ बीस से अधिक श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने की अनुमति नहीं होगी। गाइड लाइन के अनुसार कपामलोचन सरोवर, ऋणमोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर पर एक समय में बीस से अधिक श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएंगे।
गिल ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं व भंडारा संचालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़. इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। मेले के दौरान 24 घंटे बिजली देने के लिए 15 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए गए है और 9 जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
मेला क्षेत्र में अतिक्रमण पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
मेला अधिकारी गिल ने बताया कि श्रद्धालुओं को भीड़ व जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए दुकानदरों को सामान सड़क पर न लगाने के निर्देश दिए जाऐंगे। मेला प्रशासन की ओर से सभी दुकानदारों को पहले ही यह चेतावनी दे दी जाएगी। इसके बाद भी सड़क पर सामान लगाने वाले दुकानदारों का चालान काटने के अलावा सामान को क्रेन से उठावा कर मेला क्षेत्र से बाहर किया जाएगा।
रोडवेज ने बनाया मास्टर प्लान, चलेंगी 100 बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रोडवेज ने 15 नवंबर से शुरू हो रहे राज्यस्तरीय कपालमोचन मेले में श्रद्धालुओं को लाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। प्लान के अनुसार यमुनानगर समेत अंबाला और कुरुक्षेत्र डिपो से 100 बसें चलाई जाएंगी। वहीं चेकिंग के लिए विभाग के इंस्पेक्टरों की टीमें बनाई जा रही है।
यमुनानगर डिपो के यातायात प्रबंधक संजय रावल के अनुसार बसें 24 घंटे चलेंगी। जिले के अलावा अंबाला और कुरुक्षेत्र डिपो से कुल 100 से अधिक बसें मेले में श्रद्धालुओं को लाने ले जाने का काम करेंगी। इस दौरान बसोें में चेकिंग के लिए इंस्पेक्टरों की टीम तैयारी की जा रही है। इंस्पेक्टरों की टीम बीच-बीच में बसों को रोककर चेकिंग करेंगे। इस दौरान यदि कोई यात्री बिना टिकट मिला तो उसे दस गुना किराया लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कपालमोचन के अलावा आदिबद्री में भी श्रद्धालु केदारनाथ, माता मंत्रा देवी के अलावा सरस्वती उद्गम स्थल के दर्शन करने जाते हैं। इन धार्मिक स्थानों को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। श्रद्धालुओं को कपालमोचन से आदिबद्री तक लाने ले जाने के लिए रोडवेज 50 से अधिक बसें चलाएगा। इसके अलावा अहड़वाला गांव के मोड़ पर अस्थायी बस अड्डा बनाया जाएगा। यहां से बसें श्रद्धालुओं को सीधे आदिबद्री तक लेकर जाएंगी।
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बिलासपुर बस स्टैंड तक जाएंगी बसें
यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र से चलने वाली श्रद्धालुओं को बिलासपुर बस स्टैंड तक ही लेकर जाएंगी। यहां से कपालमोचन में बसों को नहीं जाने दिया जाएगा। बिलासपुर से आगे का सफर श्रद्धालुओं को ऑटो, घोड़ा गाड़ी या फिर रिक्शा में ही तय करना होगा। इसके अलावा जो परिचालक श्रद्धालुओं से ज्यादा किराया लेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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