Health contract workers demonstrated for job restoration
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यमुनानगर। स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों के बाद भी ठेका स्वास्थ्य कर्मचारियों की नौकरी बहाल नहीं की गई है। जिसके विरोध में वीरवार को कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल में विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके लिए यूनियन के बैनर तले ठेका कर्मचारी ट्रामा सेंटर के सामने एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान संघ की ओर से 17 मई को पंचकूला में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं व मिशन निदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन का नोटिस सिविल सर्जन को दिया गया। सर्व कर्मचारी संघ व स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभाग के खिलाफ जमकर रोष जताया। संघ ने 2212 कोरोना कर्मचारी व 613 ठेका कर्मचारियों की सेवा बहाली की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौढे व स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के राज्य संयोजक सुमित ऋषि ने किया।
जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, ब्लॉक प्रधान जोत सिंह, सीटू कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, स्वास्थ्य ठेका के जिला सचिव नरेश कुमार, पब्लिक हेल्थ से जिला सचिव प्रेम प्रकाश, सुरेंद्र ने कहा कि सरकार जिन्हें कोरोना योद्धा कहकर संबोधित कर रही थी, अब जरूरत निकलने पर उनका रोजगार छीन लिया है। उन्हें नौकरी बहाली के लिए सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 31 मार्च 2022 को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर घर जाने का फरमान सुना दिया। आंदोलन के दबाव में स्वास्थ्य मंत्री को ड्यूटी पर वापस लेने के लिखित आदेश देने पड़े। आदेशों के बावजूद भी कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर 17 मई को पंचकूला स्थित महानिदेशक कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य ठेका से सन्नी, कमल, प्रिंस, सरबजीत कौर, नगमा, रजनी, नवनीत, गुरमीत, मनदीप, अमन, राकेश, नेहा, सीमा सहित कमलजीत उपस्थित रहे।