संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भगवान सब कुछ सहन कर सकते हैं लेकिन किसी का घमंड नहीं। इसी घमंड को तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से श्री गोवर्धन महाराज की पूजा करवाई थी और घमंडी इंद्र देव की पूजा छुड़वाई थी। यह उद्गार कथा व्यास श्यामसुंदर ठाकुर महाराज ने गोविंदपुरी के भगवान परशुराम सामुदायिक केंद्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन रविवार को व्यक्त किए।
वृंदावन से आए श्याम सुंदर दास महाराज ने कहा कि जिस समय बृजवासी इंद्र देव महाराज की पूजा किया करते थे तो उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने सभी ब्रिज वासियों से कहा कि वह इंद्रदेव की पूजा नहीं करें। इस बार गोवर्धन पर्वत की पूजा करेंगेयक्योंकि वही उनके देवता है। ब्रज वासियों ने उनकी बात मानी और इस बार श्री गोवर्धन महाराज की पूजा हुई।
उन्होंने कहा कि भगवान एक रूप से गोवर्धन महाराज पर विराजमान हुए और सभी ब्रज वासियों से मांग-मांगकर प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद इंद्र को क्रोध आया और उन्होंने ब्रज पर जमकर वर्षा की। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्क उंगली पर 1 सप्ताह तक धारण करके रखा और सभी ब्रजवासियों के रक्षा के तथा इंद्र का मान मर्दन किया।
इस मौके पर शिव शक्ति आश्रम के संचालक परमानंद महाराज, प्राचीन सूर्य कुंड मंदिर अमादलपुर के स्वामी, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रामनिवास गर्ग, भगवान परशुराम सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश त्यागी, 11 स्टार मॉर्निंग क्लब के चेयरमैन मायाराम शर्मा व अन्य अन्य गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना के उन्हें दूध से स्नान करवाया और गोवर्धन महाराज की परिक्रमा की। इस मौके पर गौरव त्यागी, मनोज त्यागी, डॉक्टर पायल रावत, मनोज गर्ग, परीक्षित त्यागी, दिनेश त्यागी, कौशल, पंडित श्याम लाल, नरेश कुमार, अशोक कुमार, डॉक्टर कृष्ण गर्ग, डॉक्टर लोकेश गर्ग, डॉ. अनुज त्यागी, डॉ. अभय आदि उपस्थित रहे।