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Yamuna Nagar News: डिमोशन से आहत फोरमैन ने की आत्महत्या

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गांधी नगर थाना क्षेत्र की शिवपुरी-ए कॉलोनी में टाटा पाॅस्को मोटर्स कंपनी दोसड़का के फोरमैन राजेंद्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव घर में पंखे की हुक से फंदे पर लटका मिला। मृतक की पत्नी का आरोप है कि कंपनी के मैनेजर व सुपरवाइजर ने उसके पति का डिमोशन कर दिया था, जिससे आहत होकर उसने फंदा लगाकर जान दी।
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मृतक के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने कंपनी के मैनेजर व सुपरवाइजर को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवपुरी-ए कॉलोनी निवासी गुरमीत कौर ने गांधी नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पति राजेंद्र करीब 15 साल से दोसड़का स्थित टाटा पास्को मोटर्स कंपनी में फोरमैन था। सुबह आठ बजे वह ड्यूटी पर चला जाता और शाम साढ़े सात बजे वापस आता था। दो-तीन माह से पति काफी परेशान था। जब उसने इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया था कि उनकी कंपनी का मैनेजर मनु व सुपरवाइजर मनदीप छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे परेशान कर रहे हैं।
ईमानदारी से काम करने के बावजूद उसे फोरमैन पद से हटा दिया और उसे जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित किया। उसने पति को समझाया था कि वह मन लगाकर अपना काम करें मगर पति राजेंद्र उसे कहता था कि यह बातें उसके दिमाग से नहीं निकल रही हैं। शुक्रवार को पति काम पर नहीं गया था। सुबह सात बजे वह पति को घर पर छोड़कर अपने काम पर चली गई। उसका बेटा कुनाल अपने मामा के घर पर गया था। बड़ा बेटा बुआ के घर पर था। दोपहर करीब दो बजे जब वह खाना खाने घर पर आई तो उसका कमरा अंदर से बंद था। उसने दरवाजे पर बने रोशनदान से देखा तो राजेंद्र का शव पंखे के हुक से बंधी रस्सी पर लटका था। उसने शोर मचाया और देवर सुरेंद्र को दुकान से बुलाया। आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। दरवाजा तोड़ कर उन्हें फंदे से उतार कर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। गुरमीत कौर का आरोप है कि मैनेजर मनु व सुपरवाइजर मनदीप ने ही उसके पति को आत्महत्या के लिए उकसाया है।
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राजेंद्र ने अपनी कंपनी मालिक के नाम एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें लिखा है कि यह लेटर कंपनी के मालिक संजय पासी को देना। संजय पासी बहुत अच्छे इंसान हैं। यह लेटर मनु व मनदीप के खिलाफ है। संजय पासी सर, नमस्ते। सर, मैं राजेंद्र कुमार पास्को मोटर्स दोसड़का में साल 2008 से काम कर रहा हूं। मैंने अब तक पूरी ईमानदारी से काम किया। अपनी मेहनत और ईमानदारी से मैं फोरमैन के लेवल तक पहुंचा हूं। अब तक जितने भी मैनेजर आए सब ठीक थे। लेकिन जब से मनदीप वर्कशॉप में मैनेजर बना है, उसने गलत काम करने शुरू कर दिए हैं।
वह एनएसयू और कंटेनर की टीम से 20-20 हजार रुपये महीना लेता है। जिसके चलते वह नंबर दो का काम करते हैं। रुपये लेकर गाड़ी की वारंटी करवाते हैं। जिस गाड़ी व सामान की वारंटी न भी हो, उसकी भी वारंटी पैसे लेकर कर देते हैं। इसके अलावा कंपनी में हादसे में क्षतिग्रस्त होकर आने वाली गाड़ियों में पुराना सामान डाल देते हैं। मनदीप ने मैनेजर बनते ही सबसे पहले उसे फोरमैन के पद से हटाया, क्योंकि मैं बेईमानों का साथ नहीं देता। मनदीप उसे छोटी छोटी बातों पर परेशान करते हैं। मनु उसका साथ देता है। दोनों से परेशान होकर वह सुसाइड कर रहा है।




जांच अधिकारी एएसआई सुभाष चंद का कहना है कि मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। सुसाइड नोट व मृतक की पत्नी के बयान पर दोनों आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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