संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएपी खाद को लेकर जिला में मारामारी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। हालात यह हो गए किसान को घंटों लाइन में लगने के बाद भी डीएपी खाद नहीं मिल पा रहा है। ऐेसे में किसान काफी परेशान है।
बताया जा रहा है कि मांग के मुकाबले डीएपी की आपूर्ति काफी कम है। इससे डीएपी के लिए मारामारी मची है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार किसानों को सातों ब्लॉक में वितरण निष्पक्ष तरीके से किया जा रहा है। वहीं किसानों का आरोप है वे लोग सुबह से डीएपी खाद लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं। डीएपी उन्हें देने के बजाए चहेतों को पहले बांटी जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 12 हजार मीट्रिक टन की खपत होती है। खपत के मुकाबले डीएपी की आपूर्ति कई गुना कम हो रही है।
अग्रसेन चौक पर बने खाद भंडार में डीएपी लेने के लिए पहुंचे गांव कोर्ट सरकारी निवासी सोहन लाल के मुताबिक वह सुबह ही आ गया था। दो घंटे लगने के बाद खाद खत्म हो गई। इसके बाद वह कृभको वाले गोदाम पर पहुंचा। यहां से काफी मुश्किल से खाद मिली। चहेतों को ही पहले खाद दी जा रही है।
वहीं मुसींबल के रहने वाले रामचंद्र ने बताया कि चार घंटे लगने के बाद ही उसे डीएपी खाद के बैग मिले। वह इससे पहले इफ्को वाले गोदाम पर गया था, जब बारी आई तो खाद खत्म हो गई। इसके बाद कृभको वाले पर आना पड़ा। यहां चहेतों को पहले डीएपी दी जा रही थी। काफी मुश्किल से उसे डीएपी मिली।
कृभको वाले गोदाम पर खाद लेने के लिए आए गांव कैत निवासी सुरेश पाल के मुताबिक पांच घंटे लाइन में लगने के बाद उसे पांच बैग ही मिल पाए। घर से वह सुबह सात बजे चला था। सुरेश ने डीएपी वितरण में धांधली करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष तरीके के खाद बांटे जाने की मांग उठाई है।
किसानों को सातों ब्लॉकों में डीएपी बांटा जा रही है। खाद वितरण के दौरान कोई सिफारिश नहीं चल रही। पूरी निष्पक्षता के साथ खाद दी जा रही है। आज 200 मीट्रिक टन खाद आई थी, जो बांट दी गई। इसके अलावा रविवार को 2400 मीट्रिक टन खाद बांटी गई थी। -जसविंद्र सिंह, डीडीए, कृषि विभाग।