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पिता-पुत्र ने रक्त देकर बचाई मरीज की जान

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सिविल अस्पताल मे रक्तदान करते पिता-पुत्र। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। डेंगू मरीज की हालत लगातार खराब होने पर उसके प्लेटलेट्स मात्र 16 हजार रह गए। चिकित्सकों के पास कोई रक्तदाता नहीं था। सिविल अस्पताल के रक्तकोष ने संस्था स्माइल फाउंडेशन से संपर्क किया। संस्था अध्यक्ष संजीव मेहता ने इसकी सूचना अपने रक्तदाता ग्रुप में भेजी। संदेश मिलते ही शहर निवासी पिता-पुत्र मरीज को प्लेटलेट्स देने पहुंच गए।
स्माइल फाउंडेशन के प्रधान संजीव मेहता ने बताया कि शहर निवासी मदन शर्मा डेंगू से पीड़ित हैं। मदन की प्लेटलेट्स 16 हजार रह गए थी। चिकित्सकों ने मरीज की जान बचाने के लिए करीब सात यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने की बात कही। संजीव ने बताया कि ग्रुप में संदेश मिलते ही मोहित तलुजा अपने बेटे रोनित तलुजा को लेकर प्लेटलेट्स देने केलिए सिविल अस्पताल पहुंच गए। संदेश मिलने के समय मोहित तलुजा परिवार के साथ दशहरा पूजन करने की तैयारी कर रहे थे। संदेश मिलते ही उन्होंने सभी काम छोड़ दिए और रक्तदान के लिए पहुंच गए।
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मोहित तलुजा ने बताया कि उनका पूरा परिवार रक्तदान के लिए सदा तैयार रहता है। पहले वह रक्तदान करते थे। अब उनके साथ उनका बेटा रोनित भी नियमित रूप से रक्तदान कर रहा है। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी नियमित रूप से रक्तदान कर रहे हैं। इस दौरान संस्था की ओर से सिविल अस्पताल के रक्तकोष में 15 यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाई गई।
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संस्था के राहुल दुरेजा ने कहा कि 18 से 65 की आयु का हर स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। जिला जानलेवा डेंगू की चपेट में आ गया है। ऐसे मेंलोगों को मानवता की सेवा के लिए सिविल अस्पताल के रक्तकोष पहुंचकर प्लेटलेट्स दान करें।
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