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जिले में गठित होंगे किसान उत्पादक संगठन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। लघु सचिवालय में मंगलवार को बागवानी विभाग की तीसरी जिलास्तरीय निगरानी कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों के चलाई जा रही योजनाओं को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान किसानोें की आय दोगुनी करने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करने का निर्णय लिया गया।
डीसी गिरीश अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कलस्टर बनाकर किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएं। किसान उत्पादक संगठन बागवानी, कृषि, मत्स्य व पशुपालन से संबंधित उत्पाद तैयार करें। संगठन के माध्यम से अपने उत्पाद को बाजार में बेचें। उन्होंने कहा कि कैंप लगवाकर किसानों को जागरूक किया जाए। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि साल 2020-21 में राज्य को 150 किसान उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिले में 300 किसानों का एक ग्रुप बनाकर एफपीओ बनाया जाएगा। जिले में अब तक कुल 20 एफपीओ बनाए जा चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि जिले में 6 एफपीओ को सीसीडीपी प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति मिल चुकी है। वर्ष 2021 में जिले के 6 खंडों में एक-एक किसान उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके अलावा स्कीम के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद पर ध्यान दिया जाएगा। जिला यमुनानगर को आम उत्पाद संवर्धन के लिए चुना गया है। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन आहुजा, नाबार्ड के डीडीएम रोबिन सिंह, कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंदर सिंह सैनी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ. एनके गोयल, जिला मत्स्य अधिकारी डॉ. अजय सिन्हा, कलस्टर प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर तरसेम सैनी आदि मौजूद रहे।
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