संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे से गुजर रहे लोगों की उस समय सांसे अटक गई, जब जंगल से निकलकर एक हाथी सड़क पर आया गया। हाथी कुछ देर सड़क के बीच खड़ा रहा और फिर उसने उत्पाद मचाया। हाथी ने हाईवे किनारे लगे एक दर्जन से ज्यादा पेड़ सूंड़ और और टक्कर मार के उखाड़ दिए। गणपति उत्सव के समय के बीच गजराज का यह रूप देखकर राहगीरों की सांसे अटक गईं।
अमूमन हाथियों के सड़क पर आने वे मस्ती और अठखेलियां करते हैं। मंगलवार को गजराज का रूप देखकर सभी भयभीत हो गए। इस दौरान राहगीर गजराज से काफी दूर जाकर खड़े रहे। बहुत ही कम लोगों ने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने की हिम्मत जुड़ा पाए। इस कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस बीच राहगीर बिल्कुल चौकस खड़ रहे और किसी ने हॉर्न तक नहीं बजाया। चूंकि लोगों को अंदेशा था कि हॉर्न की आवाज से हाथी कहीं और अधिक भड़क गया तो आफत आ जाएगी। करीब दो घंटे हाईवे पूरी तरह थमा रहा।
इस दौरान मौके पर मौजूद सतीश कुमार, साजिद खान, कादिर, राजेश कुमार ने बताया कि पांवटा नेशनल हाईवे पर अकसर जानवरी जंगल से निकल कर सड़क पर आ जाते हैं। हाथी भी कई बार इस सड़क पर आए हैं, परंतु कभी ऐसा नहीं देखा कि इतने पेड़ उखाड़ दिए हो। राहगीरों ने कहा कि गजराज गुस्से में लग रहा था।
वहीं वन्य जीव प्राणी विभाग के निरीक्षक सुनील ने बताया कि यह जंगल जानवरों का घर है। जंगल में भ्रमण करते करते कई बार जानवर सड़क पर आ जाते हैं। कुछ देर सड़क पर मौज मस्ती और अठखेलियां करके वापस जंगल में चले जाते हैं। बहुत ही कम संभावना होती है कि जानवर आक्रामक हो। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि हाथी को चोट इत्यादि लग गई और दर्द के कारण ऐसा कर रहा हो। ऐसा भी हो सकता है कि किसी व्यक्ति से उसे छेड़ दिया हो।
निरीक्षक ने बताया कि हाईवे जंगल से गुजर रहा है और जंगल इन जानवरों का घर है। यहां पर लोगों को शांति बनाए रखनी चाहिए। यह पूरा क्षेत्र उच्च ध्वनि रहित है और किसी प्रकार की तेज आवाज यहां वर्जित है। हॉर्न की तेज आवाज भी जानवरों को विचलित कर देती है। निरीक्षक ने बताया कि इस दौरान उनके पास हाथी द्वारा किसी प्रकार के जान माल के नुकसान की सूचना नहीं आई है।