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नहर में गोताखोरों की नाव पलटी, छह लोग बहे, चार को बचाया गया

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नहर में डूबे युवक को तलाश करते समय डूबती गोताखोरों की नाव। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर के हमीदा हेड पर रविवार सुबह अपने मामा की अस्थियां विसर्जित करने गया युवक डूब गया। नाव में सवार होकर गोताखोरों समेत छह लोग उसकी तलाश करने नहर में उतरे तो पानी के तेज बहाव में नाव पलट गई। इससे नाव में सवार छह लोग भी नहर में डूब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने नाव पलटने से डूबे चार लोगों की जान बचा ली। नाव चालक एवं गोताखोर सुरेंद्र व पहले डूबे युवक का पड़ोसी पानी में बह गए। देर शाम तक तीनों लोगों की नहर में तलाश की जा रही थी।
गांधीनगर निवासी जसमेर सिंह ने बताया कि उसका बेटा सतेंद्र सिंह उर्फ टीनू रविवार की सुबह अपने मामा की अस्थियां विसर्जन करने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के हमीदा हेड पर गया था। वह नहर के किनारे खड़ा होकर अस्थियां विसर्जन करने लगा। इस दौरान उसका पांव फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। शोर सुनकर नहर पर गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए तैनात किए गए गोताखोर व अन्य कर्मचारी नाव में सवार होकर युवक को बचाने पानी में उतर गए।
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नहर में पानी का बहाव इतना तेज था कि उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। उस समय नाव में चालक एवं गोताखोर सुरेंद्र सिंह, पटवारी धर्मेंद्र, कैंप निवासी विक्की, टोनी, अनिल व एक होमगार्ड का जवान सवार थे। नाव पलटने से यह सभी पानी में बह गए। तभी नहर किनारे खड़े कुछ स्थानीय गोताखोरों व अन्य लोगों ने नहर में कूदकर पटवारी धर्मेंद्र, टोनी, अनिल व होमगार्ड के जवान को नहर से बाहर निकाल कर बचा लिया।
नाव चालक सुरेंद्र सिंह व पहले डूबे युवक सतेंद्र सिंह का पड़ोसी विक्की पानी के तेज बहाव में बह गए। निगम गोताखोर अमर सिंह व अन्य गोताखोरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। नाव चालक सुरेंद्र सिंह नगर निगम का कर्मचारी है। पुलिस और गोताखोर उनकी नहर में तलाश कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक नहर में डूबे तीनों लोगों का कोई सुराग नहीं चल पाया था।
शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि हादसे के समय पुलिस मौके पर ही मौजूद थी। गणपति विर्सजन को लेकर पुलिस और गोताखोरों की ड्यूटी नहर पर लगी हुई थी। नहर में डूबे तीनों लोगों की गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है।
जाल में फंसने से पलटी नाव
नहर में डूबे सतेंद्र सिंह की तलाश में जब नाव में सवार छह लोग नहर में उतरे तो उस समय पानी का बहाव तेज था। हमीदा हेड के नजदीक जब युवक की तलाश की जा रही थी। पानी का बहाव तेज होने से नाव पिछली तरफ से नीचे धंस गई। इससे पानी भर गया और नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि नहर में लगे जाल में फंसने से यह हादसा हुआ। कुछ लोग पानी के तेज बहाव को हादसे का कारण मान रहे है।
ऑक्सीजन किट होती तो नहीं डूबते गोताखोर
गणपति विसर्जन को लेकर नहर के किनारे पहले से नाव चालक सुरेंद्र अपनी टीम के साथ मौजूद थे। युवक के डूबने की सूचना मिलते ही वे नाव समेत नहर में उतर गए। उनके पास न तो ऑक्सीजन किट थी और न ही सेफ्टी जैकेट। निगम के गोताखोरों को अभी तक सुरक्षा के ये साधन उपलब्ध नहीं है। यदि उनके पास ऑक्सीजन किट व सेफ्टी जैकेट होती तो शायद वे नहर में नहीं डूबते और समय रहते पानी से बाहर आ जाते।
खुद डूब गया औरों को बचाने वाला सुरेंद्र
कुछ दिन पहले हुई थी सगाई, 20 अक्तूबर को होनी थी शादी
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। लोगों के लिए वह एक मिसाल है, दिन भर पश्चिमी यमुना नहर और आवर्धन नहर पर रहता और पैनी नजर रखता। अगर कोई डूब रहा हो या आत्महत्या की कोशिश करता दिखाई दिया, तो तुरंत पकड़ लेता, लेकिन, इस बार सुरेंद्र खुद से ही हार गया। रात दस बजे तक उसके साथी गोताखोर अमर और रामकेश तलाश करते रहे, लेकिन सुरेंद्र का कोई सुराग नहीं चला।
थक हार कर गोताखोरों की टीम देर रात लौट गई। अब सोमवार की सुबह आठ बजे फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। वहीं सिंचाई विभाग की ओर से नहर में पानी कम किया जा रहा है। शहरवासी भगवान से सुरेंद्र की सही सलामत मिलने की दुआ कर रहे हैं। वहीं सुरेंद्र के परिजन बेहाल है।
करीब 38 वर्षीय सुरेंद्र की हाल ही में सगाई हुई है और 20 अक्तूबर को शादी होने वाली है। साथी गोताखोर रामकेश ने बताया कि लाइफ बोट को सुरेंद्र ही आपरेट करता है। अब तक वे करीब ढाई सौ लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। अनगिनत शवों को नहर से निकाला भी है। रविवार को भी पहले की तरह वह सुरेंद्र और अमर के साथ हमीदा हेड पर पहुंचा था। वे तीनों एक होमगार्ड के जवान व डूबने वाले युवक के दो जानकारों को साथ लेकर नहर में सर्च अभियान चला रहे थे।
इसी दौरान हमीदा हेड पर पानी का तेज बहाव में नाव पलट गई। किसी तरह अमर और वह बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि सुरेंद्र तेज बहाव में बह गया। यहां पानी की लहरें काफी ऊंची होती हैं। इन लहरों ने नाव को अपनी चपेट में लिया। पहले भी हम इस तरीके से घटना झेल चुके हैं। विश्वास नहीं हो रहा कि बिना देर किए लोगों की जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगाने वाला सुरेंद्र डूब गया। हम उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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भीड़ न जुटाने की अपील
नहर किनारे गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह नहर किनारे भीड़ न जुटाएं। अपने वाहन में आए और आराम से विसर्जन करके लौट जाएं। प्रशासन ने नहर में नाव के साथ बचाव दल को तैनात कर रखा है। हर साल नहर में विसर्जन के दौरान लोगों के डूबने की घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें गोताखोरों की मदद से बचा लिया जाता है। इस बार लोगों को बचाने वाला गोताखोर सुरेंद्र खुद ही डूब गया।

नहर में डूबे गोताखोर सुरेंद्र सिंह का फाइल फोटो- फोटो : Yamuna Nagar

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