फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरस्वती नदी में जा रहा कस्बे के दो बड़े नालों का गंदा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। प्रदेश सरकार की ओर से सरस्वती हैरिटेज बोर्ड का गठन कर सरस्वती नदी की पवित्र धारा को धरा पर लाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं बनाई जा रही हैं। इन योजनाओं में पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। वहीं कस्बा बिलासपुर में साढौरा मार्ग पर आजात आश्रम के समीप सरस्वती नदी महज एक गंदे नाले में तबदील होती नजर आ रही है। इसको लेकर श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है। कस्बे के दो बड़े गंदे नाले सीधे सरस्वती में डाले जा रहे हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय हैं कि कस्बे से एक किलोमीटर पश्चिम में सरस्वती नदी के तट पर बने आजात आश्रम के आस-पास विकास के कुछ कार्य तो हुए हैं लेकिन सफाई को लेकर अधिक कार्य नहीं किया गया है। सरस्वती नदी के किनारों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं जबकि कपाल मोचन में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय मेले के दौरान व अन्य पर्वों पर भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान करने के लिए आते हैं। घाट पर गंदगी और कमियों को देखकर उनको निराशा मिलती है। घाट के आस-पास फैले जल क्षेत्र में झाड़ियां व गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो चुका है।
राज्यस्तरीय कपाल मोचन मेले के दौरान क्षेत्र की स्थिति में सुधार कर दिया जाता है, लेकिन सरस्वती नदी की दुर्दशा को सुधारने के लिए आज तक कोई कार्य नहीं किया गया है। पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालु रवि भूषण संदीप कुमार, वेद पाल, का कहना है कि नदी में पानी गंदा होने व पानी से बदबू होने के कारण उन्होंने स्नान करना ही छोड़ दिया है। कस्बावासियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से सरस्वती की पवित्र धारा को धरा पर अवतरित करने के लिए सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के माध्यम पिछले दिनों आदिबद्री में अंतरराष्ट्रीय स्तर सरस्वती महोत्सव का आयोजन कर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए जाते हैं, लेकिन उसके पश्चात भी सरस्वती की दशा वैसी की वैसी है।
विज्ञापन

बारिश के पानी से बढ़ जाती है परेशानी
आजात आश्रम के सेवक रमन कुमार के मुताबिक बरसात में पानी जमा होने से परेशानी और बढ़ जाती है। प्रशासन की ओर से कस्बे के गंदे नालों का रुख दूसरी ओर मोड़ने की योजना बनाई थी। कुछ लोगों के विरोध के चलते यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। कस्बावासियों का कहना है कुछ माह पूर्व प्रशासन की ओर से कस्बा बिलासपुर में सीवरेज योजना बनाकर पानी निकासी की योजना को अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन कुछ समय पश्चात वह योजना भी कागजों में दब कर रह गई।
वर्जन
अगर सरस्वती नदी में नाले का गंदा पानी गिर रहा है तो इसे चैक करवाया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में सीवरेज के लिए अलग से प्लान भी तैयार कर लिया गया है।
विज्ञापन

-जसपाल सिंह गिल, एसडीएम, बिलासपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें